- रोहतक सबसे गर्म, पारा 44 डिग्री तक पहुंचने के आसार
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के पांच जिलों गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल और रेवाड़ी जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।
खास बात ये है कि 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है, जिसका असर हरियाणा के मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है।
बुधवार की तुलना में गुरुवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद राज्य का तापमान सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत महसूस हुई। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान सिरसा में 39.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बढ़ सकता है तापमान
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है। विभाग ने अनुमान जताया है कि उत्तरी हरियाणा के जिलों में अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल जिलों में यह 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
यहा बढ़ेगा ज्यादा तापमान
इसके अलावा प्रदेश के मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं हरियाणा के अत्यधिक दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पानीपत, सोनीपत और करनाल के कुछ हिस्सों को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
न्यूनतम तापमान में भी होगा इजाफा
वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो उत्तरी जिलों में यह 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ जिलों में न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। जबकि शेष जिलों में यह 26 से 28 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
10 मई से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से सामान्य से अधिक बना रहने की संभावना है। मौसम विभाग की सिनॉप्टिक विशेषताओं (Synoptic Features) के अनुसार, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ट्रफ के रूप में सक्रिय है । इसके अलावा, 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है, जिसका असर हरियाणा के मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है।