- अनिल हुड्डा के खिलाफ 14 में से 9 वोट डले
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : रोहतक में जिला परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर DC सतबीर सिंह की मौजूदगी में मीटिंग हुई, जिसमें 14 में से 10 पार्षद मौजूद रहे। वाइस चेयरमैन के खिलाफ वोटिंग करवाई गई, जिसमें से एक वोट रद्द हो गई, जिसके कारण अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
जिला परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के खिलाफ चेयरर्पसन मंजू हुड्डा सहित 10 पार्षदों ने डीसी को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र दिया था।
डीसी की तरफ से पहले 14 अक्टूबर को तारीख निर्धारित की थी, लेकिन डीसी की अनुपस्थिति के कारण मीटिंग को 19 अक्टूबर तक स्थगित किया गया। आज मीटिंग में अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
17 सितंबर को एसडीएम को सौंपा था शपथ पत्र
चेयरपर्सन मंजू हुड्डा के नेतृत्व में 10 पार्षदों ने वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के खिलाफ 17 सितंबर को एसडीएम आशीष वरिष्ठ को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र दिया था। इसके बाद डीसी से मीटिंग बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी। इसी कड़ी में आज की मीटिंग रखी गई।
पार्षद सुमन ने लगाए थे धमकी के आरोप
जिला परिषद की सदस्य सुमन ने वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा पर गाली गलौच करने व धमकी देने के आरोप लगाए थे। सुमन ने अपनी शिकायत में कहा कि वाइस चेयरमैन ने फोन पर उसके साथ गाली गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी है। इसको लेकर एसपी को भी शिकायत की गई थी।
अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे महिला पार्षद का सम्मान
जिला परिषद की चेयरपर्सन मंजू हुड्डा ने कहा कि वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मीटिंग हुई थी, जिसमें 14 में से 10 पार्षद मौजूद रहे। 10 में से 9 वोट अनिल हुड्डा के खिलाफ पड़े और एक वोट रद्द हो गया, जिसके कारण अविश्वास प्रस्ताव रद्द हो गया। अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे कारण महिला पार्षद का सम्मान था।
मंजू हुड्डा ने कहा कि वाइस चेयरमैन पर एक पार्षद ने गाली गलौच व धमकी देने के आरोप लगाए थे। इसके अलावा वित्तीय घोटाले भी सामने आए है, जिसको लेकर जांच चल रही है। जैसे-जैसे जांच चलेगी, बड़े खुलासे भी किए जाएंगे।
पार्षद उनके साथ, इसलिए गिरा अविश्वास प्रस्ताव
वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा ने कहा कि जिप के सभी पार्षद उनके साथ है, क्योंकि किसी भी पार्षद के साथ गलत नहीं किया। जो लोग साजिश के तहत उसकी कुर्सी को छीनना चाहते थे, उन्हें अब समझ में आ गया होगा। वह कल भी वाइस चेयरमैन थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे।