October 19, 2026
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  • प्रशासन ने स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी DPR

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  चंडीगढ़ के स्वास्थ्य संस्थानों पर मरीजों का बढ़ता बोझ कम करने के लिए सेक्टर-53 में एडवांस्ड मेडिकल केयर इंटीग्रेटेड सेंटर बनाने की तैयारी है। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने 2154 करोड़ रुपए की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंप दी है।

करीब 13.6 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित इस सेंटर में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की योजना है। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने खुद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को यह प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए सौंपा है।

प्रशासन की योजना के मुताबिक, इस सेंटर को उत्तर भारत के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ-साथ मेडिकल रिसर्च और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इससे PGI, सेक्टर-32 स्थित GMCH और सेक्टर-16 स्थित GMSH पर मरीजों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

10 एकड़ सरकारी-3.6 एकड़ रेजिडेंशियल जमीन

प्रस्तावित सेंटर के लिए सेक्टर-53 में 10 एकड़ सरकारी जमीन और 3.6 एकड़ रेजिडेंशियल प्लॉट चुना गया है। कुल 13.6 एकड़ में बनने वाले इस प्रोजेक्ट की DPR में शुरुआती तौर पर 2154 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें 1704 करोड़ रुपए सिविल वर्क यानी भवन और बुनियादी ढांचे के निर्माण पर खर्च करने का प्रस्ताव है। वहीं, 450 करोड़ रुपए शुरुआती मेडिकल उपकरणों की खरीद के लिए रखे गए हैं।

प्रशासन की ओर से मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में जमीन और जरूरी औपचारिकताओं से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। अब प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय की मंजूरी जरूरी होगी।

दो बड़े सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना

प्रस्ताव के मुताबिक, इस इंटीग्रेटेड सेंटर को दो प्रमुख हिस्सों में विकसित किया जाएगा। इनमें महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए अलग सेंटर तथा गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी सेंटर शामिल होंगे।

वुमेन एंड चाइल्ड केयर सेंटर: इसमें गायनेकोलॉजी, ऑब्स्टेट्रिक्स, नियोनेटोलॉजी, पीडियाट्रिक्स और पीडियाट्रिक सर्जरी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके लिए 600 बेड की सुविधा का जिक्र है।

सुपर स्पेशियलिटी सेंटर: इसमें कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी के साथ इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर की सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसके लिए 500 बेड का प्रस्ताव दिया गया है।

दोनों हिस्सों में कुल बेड की संख्या को लेकर प्रस्ताव में 600 और 500 बेड का उल्लेख है, जबकि पूरे प्रोजेक्ट को 1000 बेड का सेंटर बताया गया है। अंतिम स्वीकृत योजना में इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।

मरीजों के परिजनों के लिए भी होंगी सुविधाएं

DPR के मुताबिक, सेंटर में इलाज की सुविधाओं के अलावा मेडिकल स्टाफ के लिए रेजिडेंशियल व्यवस्था और मरीजों के परिजनों के लिए नाइट शेल्टर बनाने का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

PGI और GMCH पर पहले से मरीजों का भारी दबाव

चंडीगढ़ के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, PGI में सालाना करीब 28 लाख OPD मरीज आते हैं और लगभग 95 हजार सर्जरी होती हैं। वहीं, सेक्टर-16 स्थित GMSH में पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार करीब 11 लाख OPD मरीज पहुंचे थे। इमरजेंसी में भी करीब 2.60 लाख मरीज आने का उल्लेख है।

शहर की करीब साढ़े 12 लाख आबादी के साथ पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए चंडीगढ़ आते हैं। ऐसे में नए मेडिकल सेंटर को क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने और मौजूदा संस्थानों पर दबाव कम करने की योजना के रूप में देखा जा रहा है।