- डॉ. अमन ने गोवंशीय वीर्य की जांच, पशु प्रजनन तकनीक पर शोध किया
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हिसार के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के दो वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में आयोजित 13वें वार्षिक अधिवेशन एवं राष्ट्रीय सम्मेलन में पशु जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अमन और पशु चिकित्सा एवं पशुपालन प्रसार शिक्षा विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रिचा को सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार मिला।
डॉ. अमन को एसोसिएट फेलो, एसवीएसबीटी सम्मान से भी नवाजा गया।
पशु प्रजनन तकनीक पर किया शोध
डॉ. अमन ने गोवंशीय वीर्य में एक्स और वाई गुणसूत्र वाले शुक्राणुओं का अनुपात पता लगाने के लिए नई टैकमैन प्रोब आधारित रियल-टाइम पीसीआर जांच विकसित करने और उसकी विश्वसनीयता के सत्यापन पर शोध किया। यह तकनीक पशु प्रजनन से जुड़े अनुसंधान में उपयोगी साबित हो सकती है।
प्रतिरक्षा विज्ञान पर केंद्रित रहा शोध
डॉ. रिचा को गोवंशीय एच-वाई प्रतिजन और केडीएम5डी के विरुद्ध प्रतिपिंड तैयार करने तथा एलाइसा जांच के माध्यम से उनका विश्लेषण करने संबंधी शोध के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। उनका अध्ययन पशु प्रजनन और प्रतिरक्षा विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशने से जुड़ा है।
कुलपति ने दी बधाई
सम्मेलन का मुख्य विषय जीनोमिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से पशु स्वास्थ्य, रोग निदान और सतत पशुधन उत्पादन में सुधार करना था। इसमें देशभर के वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीकों और अनुसंधान पर विचार साझा किए।
लुवास के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने दोनों वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रथम पुरस्कार मिलना विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध और नई तकनीकों का विकास पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुधन विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।