October 7, 2026
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  • पलवल में पहले ₹5 लाख लेते पकड़ा गया, 9 महीने जेल रहा

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा के पलवल में नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्पेक्टर ने शिकायकर्ता के मकान को गिराने की कार्रवाई न करने की बदले 50 हजार रुपए की डिमांड की थी।

ACB अधिकारियों का कहना है कि आरोपी 25 हजार रुपए सोमवार को ही ले चुका था। आज फिर शिकायतकर्ता को बाकी के 25 हजार रुपए देने के लिए बुलाया था। यहां जैसे ही इंस्पेक्टर ने रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

बता दें कि आरोपी इंस्पेक्टर चिम्मन लाल तेवतिया पहले भी रिश्वत केस में फंस चुका है। करीब तीन साल पहले चिम्मन ने एक शोरूम की बिल्डिंग पर कार्रवाई न करने के बदले 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। तब चिम्मन 9 महीने जेल में रहा था।

मकान को अतिक्रमण बताया: पीड़ित का मकान पलवल नगर परिषद की सीमा में है। आरोपी बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिम्मन लाल तेवतिया ने मकान की आगे की दीवार को प्लाट की हद से बाहर बताते हुए इसे अतिक्रमण बताया था। उसने मकान गिराने की बात कही। जिसके बाद इसे न गिराने के लिए 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई।

शिकायत के बाद एसीबी एक्टिव: पीड़ित ने इंस्पेक्टर की शिकायत एसीबी से कर दी। शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई की तैयारी की। एसीबी इंस्पेक्टर राजकुमार के नेतृत्व में टीम बनाई गई। इसके बाद शिकायतकर्ता को आरोपी के बताए ठिकाने नेशनल हाईवे-19 पर लघु सचिवालय के पास कुशलीपुर गांव के नजदीक बुलाया गया।

25 हजार रुपए लेते पकड़ा: शिकायतकर्ता के पहुंचने से पहले ही एसीबी की टीम मौके पर मौजूद थी। जैसे ही आरोपी बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिम्मन लाल तेवतिया ने बचे हुए 25 हजार रुपए लिए, टीम ने उसेरंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पशुपालन विभाग के डॉ. महेंद्र सिंह स्वतंत्र गवाह के तौर पर मौजूद रहे।

10 लाख रिश्वत मांगी, 5 लाख लेते पकड़ा

बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिम्मन लाल तेवतिया को भी रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। तब पलवल बस स्टैंड पर दलिप बिंदल का शोरूम बन रहा था। दलिप के अनुसार, शोरूम का नक्शा जमा था, मगर वो पास नहीं हुआ। आरोप है कि चिम्मन ने निर्माण नहीं गिराने के बदले 10 लाख रुपए मांगे थे। 8 मार्च 2022 को 5 लाख रुपए लेते हुए एसीबी ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

9 महीने जेल में रहा, पुराने केस में गवाही चल रही

दलिप बिंदल ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद तेवतिया करीब 9 महीने जेल में रहा। जमानत मिलने के कुछ दिन बाद वह दोबारा ड्यूटी पर लौट आया। पुराने मामले में फिलहाल गवाहों के बयान दर्ज हो रहे हैं। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई होगी।