October 1, 2026
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  •  प्रतिबंधित गतिविधियों की बनेगी नो-गो लिस्ट, जनता से मांगे सुझाव

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार जमीन के इस्तेमाल और निर्माण से जुड़े नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव प्रस्तावित कर रही है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने विकास योजनाओं में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत किसी क्षेत्र में केवल प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची तय करने का प्रावधान है।

यानी प्रस्ताव में शामिल ‘नो-गो लिस्ट’ के बाहर की गतिविधियों को अनुमति देने की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों और कारोबारियों के लिए अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं कम करना है। विभाग ने बुधवार को सार्वजनिक सूचना जारी कर प्रस्ताव पर आम लोगों और हितधारकों से सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं।

हालांकि यह बदलाव अभी प्रस्तावित है और अंतिम नीति लागू होने से पहले 30 दिन की आपत्ति-सुझाव अवधि पूरी होगी।

जटिल व्यवस्था से मिलेगी बड़ी राहत

अभी तक हरियाणा में लागू व्यवस्था के अनुसार, किसी भी लैंड यूज जोन में केवल उन्हीं गतिविधियों या निर्माण कार्यों को मंजूरी मिलती थी, जो सरकारी नियमों की स्वीकृत सूची में पहले से दर्ज होती थीं। यदि कोई व्यक्ति कोई नया बिजनेस, स्टार्टअप या ऐसा निर्माण कार्य शुरू करना चाहता था, जो उस सूची में नहीं है, तो उसे सरकार से अलग से हरी झंडी लेने में महीनों लग जाते थे।

इस वजह से लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और व्यापार शुरू करने में देरी होती थी।

‘नो-गो लिस्ट’ बनाई जाएगी

अब सरकार इस पुरानी और जटिल प्रथा को पूरी तरह से खत्म करने जा रही है। नई नीति के तहत विभिन्न प्रमुख भूमि उपयोग क्षेत्रों के लिए केवल एक ‘प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची’ यानी ‘नो-गो लिस्ट’ बनाई जाएगी। इसका मतलब यह है कि सरकार केवल उन कामों की सूची देगी जो उस क्षेत्र में नहीं किए जा सकते।

इस प्रतिबंधित सूची के बाहर के जितने भी काम होंगे, उन्हें ‘मांग आधारित’ मानते हुए बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के तुरंत निर्माण और संचालन की मंजूरी दे दी जाएगी।

इन बड़े शहरों और महानगरों पर पड़ेगा सीधा असर

यह नया नियम पूरे हरियाणा में शहरी विकास की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। इसके दायरे में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अलावा राज्य के सभी प्रमुख महानगर विकास प्राधिकरण शामिल होंगे।

मुख्य रूप से गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण , पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण, सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण और हिसार महानगर विकास प्राधिकरण शामिल होंगे।

जनता और व्यापारियों से मांगे गए सुझाव व आपत्तियां

सरकार ने इस बड़े फैसले को अंतिम रूप देने से पहले आम जनता, रियल एस्टेट विशेषज्ञों और सभी हितधारकों से उनकी राय मांगी है। सार्वजनिक सूचना जारी होने की तारीख यानि बुधवार से 30 दिनों के भीतर कोई भी नागरिक इस प्रस्ताव पर अपनी आपत्तियां या सुझाव दर्ज करा सकता है।

सुझाव भेजने के लिए लोग आधिकारिक ईमेल आईडी ccpncrhry.zrobjections@gmail.com का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, लिखित आवेदनों को ‘मुख्य समन्वयक योजनाकार (एनसीआर), द्वितीय तल, नगर योजना भवन, सेक्टर 18ए, मध्य मार्ग, चंडीगढ़’ के पते पर भेजा जा सकता है।

30 दिनों की यह अवधि पूरी होने के बाद, सरकार प्राप्त सुझावों पर विचार करेगी और इस नए नियम को पूरी तरह से लागू कर देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से हरियाणा में निवेश बढ़ेगा और उद्योग लगाना बेहद आसान हो जाएगा।

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं…

रिहायशी ज़ोन में इंडस्ट्रीज़, IT पार्क, डेटा सेंटर, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर और कई दूसरी भारी गतिविधियां प्रस्तावित ‘रोक वाली लिस्ट’ में शामिल हैं। इसी तरह कमर्शियल ज़ोन में भी रिहायशी कॉलोनियां, बड़ी इंडस्ट्रीज़, IT पार्क और डेटा सेंटर जैसी चीज़ों पर रोक है। अब इनमें सारे काम किए जा सकेंगे।

लेकिन सबसे दिलचस्प बात एग्रीकल्चर ज़ोन के बारे में है। एग्रीकल्चर ज़ोन में रिहायशी और कमर्शियल कॉलोनियां बनाने पर रोक है। रेड कैटेगरी की इंडस्ट्रीज़ पर भी रोक है। आईटी से जुड़े कामों पर भी रोक है, लेकिन डेटा सेंटर को खास तौर पर छूट दी गई है। अब इनमें नई लिस्ट के अलावा अन्य काम किए जा सकेंगे।

यह बदलाव हरियाणा में ज़मीन के इस्तेमाल और रियल एस्टेट डेवलपमेंट के भविष्य के लिए बहुत अहम हो सकता है। लेकिन एक ज़रूरी बात याद रखें। यह अभी फ़ाइनल पॉलिसी नहीं है।