September 28, 2026
28 sep 20
  • लापरवाही पर ACR में कटेगा नंबर

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा सरकार ने राज्य में चल रहे विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गोलमाल और घटिया निर्माण रोकने के लिए नया ‘निरीक्षण ढांचा’ लागू कर दिया है। अब निर्माण कार्य पूरा होने का इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि काम के दौरान ही अफसरों को तय शेड्यूल के हिसाब से साइट पर जाकर खामियां पकड़नी होंगी।

क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस अधिकारी समीर पाल सरों ने बताया कि अथॉरिटी पहले से ही सड़कों, बिल्डिंग्स, सीवरेज, पेयजल और बिजली सप्लाई जैसे प्रोजेक्ट्स की जांच कर रही है। अब नए नियम लागू होने से प्रोजेक्ट की लागत के आधार पर बड़े अफसरों की जवाबदेही तय कर दी गई है।

जानिए किस प्रोजेक्ट पर अफसर, कितनी बार करेगा जांच

  • 50 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट: इंजीनियर-इन-चीफ (EIC) खुद साइट पर जाकर 2 बार जांच करेंगे। पहला निरीक्षण 50 प्रतिशत भौतिक काम पूरा होने पर और दूसरा 90 प्रतिशत काम पूरा होने पर होगा।
  • 25 करोड़ रुपए या उससे अधिक के प्रोजेक्ट: चीफ इंजीनियर (CE) कुल 4 बार निरीक्षण करेंगे। यह जांच 20, 40, 60 और 80 प्रतिशत काम पूरा होने पर होगी।
  • 10 करोड़ रुपए या उससे अधिक के प्रोजेक्ट: सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (SE) को कुल 6 बार साइट पर जाना होगा। यह जांच 15, 30, 45, 60, 75 और 90 प्रतिशत प्रोग्रेस पर की जाएगी।

गड़बड़ी रोकने के लिए 2 बड़े बदलाव

  • साइट पर रहेगी ‘ऑर्डर बुक’: हर प्रोजेक्ट साइट पर एक रजिस्टर (साइट ऑर्डर बुक) रखा जाएगा। निरीक्षण अधिकारी मौके पर मिली कमियां, तकनीकी निर्देश और सुधार के उपाय इसी बुक में दर्ज करेंगे। अफसरों को 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट तय फॉर्मेट में अथॉरिटी को भेजनी होगी।
  • ACR में जुड़ेगा क्वालिटी स्कोर: जांच रिपोर्ट में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग मेथड्स (SOMPs) के आधार पर ‘क्वालिटी स्कोर’ दिया जाएगा। निरीक्षण रिपोर्ट का सीधा असर अफसरों के वार्षिक मूल्यांकन (ACR) और परफॉर्मेंस पर पड़ेगा। इससे काम में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई आसान होगी।