September 23, 2026
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  • शिक्षामंत्री आवास घेरने पानीपत में जुटे

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के गेस्ट टीचर्स ने सरकार के सेवा नियम-2026 को ठुकरा दिया है। उनके प्रवक्ता ने दो टूक कहा- पक्का होने से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। बुधवार को प्रदेशभर से गेस्ट टीचर्स पानीपत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का आवास घेरने पहुंच रहे हैं।

दरअसल, मंगलवार को ही प्रदेश सरकार ने हरियाणा अतिथि सेवा नियम-2026 की नोटिफिकेशन जारी की थी। जिसमें गेस्ट टीचर की 58 साल की उम्र में रिटायरमेंट, बिना वेतन 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव (CCL) समेत अन्य सेवा शर्तें जारी की गईं।

हरियाणा गेस्ट टीचर्स के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने कहा- प्रदेश सरकार ने कोर्ट का फैसला लागू करने की बजाय जो सेवा नियम बनाए है ये हमारी मांग ही नहीं थी। 12 हजार गेस्ट टीचर्स की एक ही मांग है कि कोर्ट का फैसला लागू करके पक्का किया जाए। इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं।

58 साल में रिटायरमेंट: जिस महीने गेस्ट टीचर की उम्र 58 साल पूरी होगी, उसी महीने के आखिरी दिन रिटायरमेंट होगी। यानी इससे पहले सेवा जारी रहेगी और इस आधार पर नौकरी से नहीं हटाया जाएगा।

730 दिन की CCL: महिला और एकल पुरुष गेस्ट टीचर्स को पूरी सेवा अवधि में 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव (CCL) मिलेगी। यह अवकाश बिना वेतन होगा, लेकिन इसे सर्विस ब्रेक नहीं माना जाएगा।

15 दिन का पितृत्व अवकाश: दो जीवित बच्चों तक वाले पुरुष गेस्ट टीचर को पत्नी के प्रसव या एक साल से कम उम्र के बच्चे को गोद लेने पर 15 दिन का पितृत्व अवकाश मिलेगा। यह अवकाश प्रसव की तारीख से 15 दिन पहले से लेकर प्रसव के 6 महीने बाद तक लिया जा सकेगा।

दंड का भी प्रावधान: गेस्ट टीचर्स पर रेगुलर टीचर्स की तरह नियुक्ति एवं दंड प्राधिकारी के नियम लागू होंगे। मामूली दंड में सर्विस रिकॉर्ड में चेतावनी या निंदा दर्ज करना और लापरवाही अथवा आदेश के उल्लंघन से हुए नुकसान की वेतन से वसूली शामिल होगी।

अब जानिए गेस्ट टीचर्स की क्या मांगें हैं

  • कोर्ट के फैसले के हिसाब से पक्का किया जाएः गेस्ट टीचर्स के प्रवक्त डॉ. अजय लोहान के मुताबिक गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन की स्पष्ट मांग है कि कोर्ट के फैसलों के अनुसार गेस्ट टीचर्स को 28 मई 2014 से पक्का माना जाए।
  • 6 प्रतिशत ब्याज समेत सभी लाभ मिलेंः पक्के होने की तारीख से ही 6 प्रतिशत ब्याज समेत बकाया राशि, ग्रेच्युटी, पेंशन व अन्य देय लाभ दिए जाएं। गेस्ट टीचर्स नए नियमों में EPF, वेतन बढ़ोतरी, मेडिकल लीव या पक्का करने का कोई जिक्र न होने से नाराज हैं।
  • 23 जून से लघु सचिवालय में चल रहा धरनाः राज्य कार्यकारिणी सदस्य मेवा सिंह पिलानिया, बलजीत सिंह ढिल्लों और कुलदीप कुमार ने बताया कि नियमितीकरण की मांग को लेकर 23 जून से लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। सरकार पक्का करने से जुड़े अदालती आदेशों को लागू करे।

यहां जानिए, क्या है गेस्ट टीचर्स विवाद…

  • 2005 में निकली थी वैकेंसी: याचिकाकर्ता सुखविंदर सिंह ने बताया कि साल 2005-06 में सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों पर वैकेंसी निकली थी। इसके लिए नियुक्ति प्रक्रिया विज्ञापन, चयन समिति का गठन भी किया गया था। एप्लिकेंट्स की जांच और मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद ही जॉइनिंग कराई गई थी।
  • गेस्ट फेकल्टी के रूप में जॉइनिंग: सुखविंदर सिंह ने बताया कि ये जॉइनिंग गेस्ट फेकल्टी के रूप में हुई। 12 हजार 700 टीचर्स को इसमें नियुक्ति दी गई। जॉइनिंग के बाद से ही टीचर्स और याचिकाकर्ता सुखविंदर सिंह परमानेंट नियुक्ति की मांग कर रहे थे। प्रदेश भर में प्रदर्शन भी हुए। साथ ही मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चला गया था।
  • हाईकोर्ट में सरकार ने ये दलील रखीं: हरियाणा सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति केवल अस्थायी व्यवस्था के तौर पर की गई थी। वे नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त नहीं हुए थे, इसलिए वे परमानेंट करने के पात्र नहीं हैं। कोर्ट ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया।

हाईकोर्ट ने रेगुलर करने के दिए थे आदेश

  • 20 साल तक सेवा ली गई: हाईकोर्ट ने मामले में कहा- सरकार खुद मान चुकी है कि स्कूलों में टीचरों की भारी कमी के कारण इन्हें नियुक्त किया गया था। करीब 20 साल तक उनकी सेवाएं ली गईं। इतने लंबे समय तक सेवाएं लेना उन्हें केवल ‘स्टॉप गैप अरेंजमेंट’ बताना पूरी तरह अनुचित है।
  • स्पेयर की तरह यूज नहीं कर सकते: कोर्ट ने अपने फैसले में टीचरों की भूमिका पर भी विस्तृत टिप्पणी की। अदालत ने कहा शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं। उन्हें मनमाने ढंग से ‘स्पेयर’ की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। 20 वर्षों तक संविदा पर काम लेने के बाद राज्य अब यह नहीं कह सकता कि ये केवल अस्थायी कर्मचारी थे।
  • नीतियों की वैधता पर विवाद खत्म: हाईकोर्ट ने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के “मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य” मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने 2014 की नियमितीकरण नीतियों की वैधता को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट ने कहा कि अब नीति की वैधता पर विवाद खत्म हो चुका है और याचिकाकर्ता नीति की शर्तों को पर्याप्त रूप से पूरा करते हैं।

परमानेंट होने के बाद ये लाभ मिलेगा

  • इन टीचर्स को होगा फायदा : 2005-06 में हुई भर्ती प्रक्रिया में गेस्ट ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT), गेस्ट पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT), लेग्वेज टीचर, ड्राइंग टीचर, कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर (जहां पॉलिसी लागू होगी) भर्ती हुए थे। इसके अलावा उन टीचर्स को भी इसका लाभ मिलेगा, जिन्होंने 2014 की नियमितीकरण नीति की शर्तें पूरी की हैं।
  • सरकारी टीचर्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी: अगर सरकार इन टीचर्स को परमानेंट करती है तो इन्हें सरकारी टीचर्स की तरह कई सुविधाएं मिलेंगी। इनमें पे स्केल, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), मेडिकल सुविधाएं, अर्न लीव (EL), मातृत्व व पितृत्व हॉलिडे, एनुअल सैलरी इन्क्रीमेंट, पेंशन संबंधी लाभ (सरकारी नियमों अनुसार), सर्विस रूल से प्रमोशन का लाभ जैसी सुविधाएं शामिल हैं।