September 12, 2026
11 sep 15
  • श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों से जीवन को नई दृष्टि देने का प्रयास, युवाओं के सहज सवालों पर हुआ सार्थक संवाद

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक में विद्यार्थियों के साथ गीता संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने युवाओं के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उनके सहज प्रश्नों, जिज्ञासाओं और जीवन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने जीवन, लक्ष्य, सफलता, तनाव, जिम्मेदारियों और सही मार्गदर्शन से जुड़े विभिन्न सवाल स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सामने रखे। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों और सिद्धांतों के माध्यम से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सरल एवं सार्थक उत्तर दिया।

युवाओं के सवालों ने बनाया संवाद को विशेष

गीता संवाद की खासियत यह रही कि यह केवल एक पारंपरिक प्रवचन या प्रश्नोत्तर सत्र तक सीमित नहीं रहा। विद्यार्थियों को अपनी बात रखने और मन में उठने वाले सवालों को खुलकर पूछने का अवसर मिला। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने युवाओं की जिज्ञासाओं को संवाद का आधार बनाते हुए उन्हें जीवन को व्यापक दृष्टिकोण से समझने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि जिज्ञासा युवा मन की स्वाभाविक शक्ति है। जब यही जिज्ञासा गीता के ज्ञान से जुड़ती है, तो संवाद केवल बातचीत नहीं रहता, बल्कि जीवन की दिशा तय करने का माध्यम बन जाता है।

गीता से जुड़कर जीवन को समझने का प्रयास

स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने विद्यार्थियों को श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म, कर्तव्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण से जुड़े संदेशों से अवगत कराया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे जीवन में आने वाली परिस्थितियों से घबराने के बजाय उन्हें समझें और सही सोच के साथ उनका सामना करें।

उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान केवल पढ़ने या सुनने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके संदेशों को व्यवहार और जीवन में उतारना जरूरी है। गीता मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में भी संतुलित रहकर अपने कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

संवाद से मिली नई दृष्टि

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ने के साथ-साथ उनके मन में उठने वाले जीवन से जुड़े सवालों पर विचार करने का अवसर प्रदान करना रहा। युवाओं और स्वामी ज्ञानानंद महाराज के बीच हुए संवाद ने विद्यार्थियों को जीवन को नई दृष्टि से देखने और अपने निर्णयों को बेहतर समझ के साथ लेने की प्रेरणा दी।

गीता संवाद के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि युवा ऊर्जा को सही दिशा और सकारात्मक विचारों से जोड़कर जीवन को अधिक सार्थक बनाया जा सकता है। स्वामी ज्ञानानंद महाराज के शब्दों में, जिज्ञासा जब गीता से जुड़ती है, तो संवाद जीवन की दिशा बन जाता है।