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हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज ; फरीदाबाद की बाल समाजसेविका और ‘तिरंगा गर्ल’ सृष्टि गुलाटी ने 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त से मुलाकात की। इस दौरान सृष्टि ने उन्हें राखी बांधी और श्रीमद्भगवद्गीता के साथ राष्ट्रध्वज तिरंगा भेंट किया। राखी के इस आत्मीय अवसर पर सृष्टि और CJI सूर्यकान्त के बीच भाई-बहन के स्नेह और भारतीय संस्कारों की खूबसूरत झलक देखने को मिली। CJI ने भी बच्ची के स्नेह को स्वीकार करते हुए उसे आशीर्वाद दिया।
सृष्टि द्वारा भेंट की गई श्रीमद्भगवद्गीता भारतीय ज्ञान, संस्कृति और जीवन-दर्शन का प्रतीक है। वहीं तिरंगा देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। राखी भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सम्मान की पवित्र डोर को दर्शाती है।
इन तीनों प्रतीकों के एक साथ आने से मुलाकात का संदेश और भी खास बन गया—स्नेह, संस्कार और राष्ट्रप्रेम।
राखी बांधने के बाद सृष्टि ने CJI सूर्यकान्त का आशीर्वाद लिया। यह क्षण उसके लिए बेहद यादगार रहा। एक ओर देश के मुख्य न्यायाधीश की गरिमा थी, तो दूसरी ओर एक बच्ची का निश्छल स्नेह और सम्मान।
यह मुलाकात सृष्टि के लिए महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनभर याद रहने वाला अनुभव बन गई।
सृष्टि गुलाटी की इस पहल ने यह संदेश दिया कि देशप्रेम और संस्कार उम्र के मोहताज नहीं होते। एक बच्ची भी अपने छोटे से प्रयास के जरिए समाज में प्रेम, कर्तव्य, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत कर सकती है।
फरीदाबाद की ‘तिरंगा गर्ल’ सृष्टि पहले भी सामाजिक और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के जरिए अपनी पहचान बना चुकी हैं। CJI को राखी बांधने और गीता-तिरंगा भेंट करने का यह अवसर उनके लिए एक और यादगार उपलब्धि बन गया।
इस मुलाकात की तस्वीर में राखी का स्नेह, गीता के संस्कार और तिरंगे का राष्ट्रप्रेम एक साथ नजर आया। सृष्टि के नन्हे हाथों से बांधी गई राखी और CJI का आशीर्वाद इस मुलाकात को भावनात्मक रूप से खास बनाता है।
इस पूरे प्रसंग का संदेश सरल लेकिन प्रभावशाली है—रिश्ते दिल से जोड़ें, संस्कारों को जीवन में उतारें और तिरंगे का सम्मान हमेशा करें।