August 26, 2026
26 aug 14

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : दामला ग्राम पंचायत में सरकारी फंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। पंचायत में ड्रेनेज के लिए पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सुप्रीम कंपनी के महंगे पाइपों के फर्जी बिल लगाकर लोकल पाइप इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सरपंच के खिलाफ 6 लाख 37 हजार 252 रुपये की रिकवरी का आदेश जारी किया है।  मामले को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण अब सरपंच की पूर्ण बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के विकास कार्यों में धांधली कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया।

सुप्रीम पाइप के नाम पर लोकल पाइप लगाने का आरोप

दामला ग्राम पंचायत में ड्रेनेज व्यवस्था के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम कराया गया था। आरोप है कि इस काम में सुप्रीम कंपनी के महंगे पाइपों के नाम पर बिल लगाए गए, जबकि मौके पर लोकल पाइप इस्तेमाल किए गए। शिकायत सामने आने के बाद अधिकारियों ने पाइपों के सैंपल और उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान कराया।

जांच के दौरान अनियमितता सामने आने पर प्रशासन ने सरपंच से 6,37,252 रुपये की रिकवरी करने के आदेश जारी किए।

13 मई को हो चुका है सरपंच का निलंबन

मामले को लेकर सोमवार को हरियाणा बैकवर्ड क्रांति मोर्चा के अध्यक्ष दरबारी लाल चौहान के नेतृत्व में दामला के ग्रामीणों ने डीसी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। सरपंच को इससे पहले 13 मई 2026 को निलंबित किया जा चुका है।

ग्रामीणों का कहना है कि केवल रिकवरी से मामला खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

23 अप्रैल को सीएम विंडो पर हुई थी शिकायत

डीसी को ज्ञापन देने पहुंचे दामला निवासी धर्मेंद्र सिंह, दिलबाग सिंह, मुकेश कुमार, सुशील कुमार, केशव दत्त, सुधीर आर्य, संदीप सैनी, लक्की मेहता, राकेश कुमार और पवन सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत 23 अप्रैल 2026 को सीएम विंडो पर दर्ज कराई गई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत दामला के सरपंच ने विकास कार्यों में धांधली कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है।

जांच में सामने आई गड़बड़ी

शिकायत के बाद पंचायत राज विभाग के एसडीओ की ओर से मामले की जांच की गई। अधिकारियों ने मौके पर लगाए गए पाइपों के सैंपल लिए और संबंधित रिकॉर्ड से उनका मिलान किया। जांच के दौरान पाइपों की गुणवत्ता और बिलों से संबंधित गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और सरकारी धन की पूरी वसूली सुनिश्चित की जाए।