- मॉडर्न पार्क, पार्किंग और ओपन जिम बनेगा, नप ने शुरू की तैयारी
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर में बिछी 110 साल पुरानी रेलवे लाइन जमीन छोड़ने जा रही है। 5.84 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के शुरू होने के बाद पुराना बस स्टैंड से ज्योतिसर तक पुरानी रेलवे लाइन हटने पर करीब 75 एकड़ जमीन खाली होगी। अब इस जमीन को खाली छोड़ने के बजाय शहर के विकास में इस्तेमाल करने की तैयारी है।
सरकारी योजना के मुताबिक, यह जमीन नगर परिषद (नप) को ट्रांसफर या लीज पर दी जाएगी। नप इस जमीन मॉर्डन पार्क, पार्किंग, ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक और दूसरी जनसुविधाएं विकसित करेगी। इसे लेकर प्रदेश के स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल नगर परिषद, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं।
पहले फाटक हटे, अब पुरानी लाइन
शहर में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने 17 जुलाई को इसका औपराचिक लोकपर्ण कर चुके हैं। ट्रैक पर मेट्रो की तर्ज पर फ्लेटफार्म बनाया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 447 करोड़ रुपए खर्च किए गए। यह प्रदेश का पहला एलिवेटेड रेलवे प्लेटफॉर्म है, जिसकी लंबाई करीब 600 मीटर है।
अभी 3 फाटक पर बड़े व्हीकल की एंट्री नहीं
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के बाद शहर से 5 झांसा रोड, अंबेडकर चौक, शास्त्री मार्केट, LNJP अस्पताल के सामने समेत थर्ड गेट के फाटक भी खत्म हो गए। हालांकि पुराने फाटकों के हटने के बाद भी जाम की समस्या बनी हुई है। खासकर झांसा रोड, अंबेडकर चौक और शास्त्री मार्केट वाले पुराने फाटकों से बसों और ट्रकों जैसे भारी वाहनों की आवाजाही बंद है।
स्लॉप से होगी समस्या दूर
अब रेलवे इन स्थानों पर सड़क को नए लेवल के अनुसार तैयार करेगा। रेलवे ट्रैक की खुदाई कर सड़क का लेवल बराबर किया जाएगा, ताकि इन रास्तों से दोबारा भारी वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके। अभी बसों और ट्रकों को झांसा रोड की तरफ जाने के लिए LNJP अस्पताल के सामने वाले रास्ते से लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है।
समय-ईंधन की होगी बचत
इससे शहर के दूसरे हिस्सों पर भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। तीनों पुराने फाटकों पर सड़क का लेवल तैयार होने के बाद भारी वाहनों को सीधा रास्ता मिलेगा। इससे शहर के अंदर आने-जाने वाले वाहनों का रूट छोटा होगा और फालतू का चक्कर खत्म होगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
रेलवे से जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू
नगर परिषद के अधिकारियों ने परियोजना की शुरुआती रूपरेखा पर काम शुरू कर दिया है। अब सबसे अहम चरण रेलवे से जमीन ट्रांसफर या लीज पर लेने का है। इसके लिए रेलवे अधिकारियों के साथ तालमेल किया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि रेलवे लाइन हटने के बाद जमीन बेकार न पड़ी रहे।
110 साल पुरानी लाइन ने बदली कहानी
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे लाइन करीब 110 साल पुरानी है। वर्ष 1916 में जब यह लाइन बिछाई गई थी, तब यह शहर के बाहरी हिस्से से गुजरती थी। इसके बाद शहर का विस्तार होता गया और जो रेलवे लाइन कभी शहर के बाहर थी, वह धीरे-धीरे शहर के बीच आ गई। अब एलिवेटेड ट्रैक के नीचे की जमीन का इस्तेमाल कई चीजों में किया जाएगा।