July 21, 2026
20 july 11
  • खड़गे बोले- जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से बच्चों की आवाज दबा रही सरकार

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया गया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- जंतर-मंतर पर बच्चे इकठ्ठा हुए, उनकी आवाज को दबाया जा रहा। सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया।

उधर लोकसभा में भी विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। विपक्षी नेताओं ने NEET-UG पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कई सांसद पोस्टर, बैनर लेकर आए।

इस बीच कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल लोकसभा में पेश किया।

इससे पहले मोदी ने संसद के हंस द्वार पर मीडिया को 15 मिनट संबोधित किया। पीएम ने कहा- मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। संसद में तर्क के साथ चर्चा हो।

 

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल ऑर्डिनेंस की जगह लेगा

लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश, 2026 पेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) की जाएगी। यह बिल मई में जारी ऑर्डिनेंस की जगह लेगा।

ऑर्डिनेंस लागू होने के बाद बढ़ी हुई स्वीकृत संख्या के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जज नियुक्त किए जा चुके हैं। इस संशोधन के लिए संविधान में बदलाव की जरूरत नहीं है। इसे पारित करने के लिए संसद में साधारण बहुमत चाहिए।

 

ऑर्डिनेंस क्या होता है

जब संसद का सत्र नहीं चल रहा होता, तब सरकार तत्काल कानून बनाने के लिए ऑर्डिनेंस या अध्यादेश जारी कर सकती है। लेकिन संसद का सत्र शुरू होने के बाद उसे 6 सप्ताह (42 दिन) के भीतर दोनों सदनों से पारित कराना जरूरी होता है, अन्यथा ऑर्डिनेंस अपने आप ही समाप्त माना जाता है।

 

खड़गे बोले- लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है

राज्यसभा में खड़गे ने कहा- आपने मुझे पेपर लीक और NEET परीक्षा घोटाले पर अपनी बात रखने की अनुमति दी। यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है। लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। इस मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर हजारों छात्र जुटे हैं। वहां लाठीचार्ज हुआ है। सरकार बल प्रयोग कर आवाज दबाने और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश कर रही है।

राज्यसभा: वंदेमातरम का अपमान अपराध होगा, कानून बना तो सजा और जुर्माना भी

मोदी सरकार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 पहले राज्यसभा में पेश करने वाली है। 1971 के अधिनियम के तहत मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, संविधान का अपमान करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल की सजा और जुर्माना हो सकता है।

सरकार ने इसी अधिनियम की धारा 3 में संशोधन किया है। वह राष्ट्रगीत वंदेमातरम को राष्ट्रगान के बराबर का दर्जा दिलाना चाहती है। यानी बिल का मकसद राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है।

बिल के प्रावधानों के अनुसार अब वंदेमातरम् गाने में रुकावट डालने, किसी भी तरह से उसका अपमान करने वाले काम को दंडनीय बनाया जाएगा।