- जस्टिस हरमीत ग्रेवाल और दीपेंद्र नलवा की नियुक्ति, 10 और नियुक्तियों का इंतजार
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी दूर करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने सोमवार को जस्टिस हरमीत सिंह ग्रेवाल और जस्टिस दीपेंद्र सिंह नलवा को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। दोनों अब तक अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनकी नियुक्ति की पुष्टि की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी किए। हाईकोर्ट में यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब कोर्ट लंबे समय से न्यायाधीशों की भारी कमी से जूझ रही है। 85 स्वीकृत पदों के मुकाबले फिलहाल केवल 55 न्यायाधीश कार्यरत हैं। यानी करीब एक-तिहाई पद अब भी खाली हैं।
10 नए जजों की नियुक्ति का इंतजार
हाईकोर्ट को अब उन 10 अधिवक्ताओं की नियुक्ति का इंतजार है, जिनके नाम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम पहले ही मंजूर कर चुका है। केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होते ही ये नियुक्तियां भी प्रभावी हो जाएंगी। इनमें पंजाब और हरियाणा, दोनों राज्यों के अधिवक्ता शामिल हैं। इन नियुक्तियों से कोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
तीन जज इस साल होंगे रिटायर
हालांकि नई नियुक्तियों के बावजूद रिक्तियों की समस्या पूरी तरह खत्म होती नहीं दिख रही। इसी वर्ष हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में स्वीकृत और कार्यरत जजों के बीच का अंतर पूरी तरह भर पाना अभी भी चुनौती रहेगा।
लंबित मामलों का बढ़ रहा दबाव
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ पर अधिकार क्षेत्र रखने वाले इस हाईकोर्ट में लाखों मामले लंबित हैं। बढ़ते मामलों के तेजी से निपटारे के लिए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना जरूरी माना जा रहा है। दो स्थायी जजों की नियुक्ति और 10 नए जजों की संभावित तैनाती को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।