- मुख्य सचिव ने 14 दिन में मांगी रिपोर्ट, स्किल्ड मैनपावर की तैयारी
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें उद्योगों के अनुकूल कुशल बनाने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में जल्द ही शुगर मिल्स से संबंधित स्पेशल कोर्स शुरू किए जाएंगे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इसके लिए ‘युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग’ के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी इन कोर्सेज के संचालन का पूरा खाका तैयार कर अगले 14 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
क्यों खास है सरकार की यह पहल?
1. इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से पढ़ाई: मुख्य सचिव ने साफ किया है कि कोर्सेज का डिजाइन ऐसा होना चाहिए जिससे युवाओं को तुरंत नौकरी मिले और चीनी मिलों को प्रशिक्षित स्टाफ के लिए भटकना न पड़े।
2. सीधे मिलों में होगी पढ़ाई: इस बात पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है कि इन कोर्सेज की थ्योरी और प्रैक्टिकल क्लासेस सीधे चीनी मिल परिसरों में ही आयोजित की जाएं। इससे छात्रों को ‘ऑन-जॉब’ ट्रेनिंग का अनुभव मिलेगा।
3. कमेटी करेगी फाइनल: कमेटी में शामिल विशेषज्ञ तय करेंगे कि कौन से कोर्स आईटीआई में चलेंगे और कौन से अन्य तकनीकी संस्थानों के जरिए संचालित किए जाएंगे।
कौन-कौन से कोर्सेज शुरू करने की है तैयारी?
राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) और प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) द्वारा चिन्हित किए गए प्रमुख कोर्सेज की सूची बनाई गई है। प्रोसेसिंग एवं ऑपरेशन्स एग्रो प्रोसेसिंग, शुगर प्रोसेसिंग ऑपरेटर, शुगर बॉयलिंग, क्वालिटी कंट्रोल, इंजीनियरिंग एवं मेंटेनेंस मैकेनिकल मेंटेनेंस (केमिकल प्लांट), बॉयलर अटेंडेंट, इंस्ट्रूमेंटेशन एवं ऑटोमेशन, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट डिप्लोमा इन बॉयलर ऑपरेशन, पीजी डिप्लोमा इन शुगर टेक्नोलॉजी, शुगर मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट, मैनेजमेंट व पर्यावरण प्रोडक्टिविटी एवं मैच्योरिटी मैनेजमेंट, पर्यावरण विज्ञान शामिल हैं।
हरियाणा ITI का ये है मौजूदा ढांचा
वर्तमान में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा 8वीं और 10वीं पास छात्रों के लिए चलाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) से संबद्ध संस्थानों के माध्यम से संचालित हैं।इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, फिटर, टर्नर, आरएसी (RAC) और इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक जैसे मेंटेनेंस ट्रेड पहले से ही राज्य की आईटीआई में चल रहे हैं। अब इन्हें शुगर मिलों की जरूरतों के हिसाब से अपग्रेड किया जाएगा।