- संक्रमण फैलने से बिगड़ी तबीयत
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के सिरसा जिले में कुत्ते के काटने (रेबीज संक्रमण) से एक महिला की मौत हो गई। 35 वर्षीय मनप्रीत कौर पत्नी सेवक सिंह की सोमवार को बठिंडा के एम्स में उपचार के दौरान मृत्यु हुई। महिला को करीब दो माह पहले हाथ पर कुत्ते ने काटा था। महिला के हाथ में कोई घाव नहीं था और केवल निशान मात्र था, लेकिन खून में संक्रमण फैल गया।
जानकारी के अनुसार, ये घटना डबवाली के महाग्राम देसूजोधा की है। करीब दो माह पहले मृतका के परिजन खेत से एक कुत्ता घर पर लाए थे। कुछ दिनों बाद उसी कुत्ते ने मनप्रीत कौर को काट लिया था। परिजनों ने बताया कि महिला ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया और रेबीज से बचाव के लिए आवश्यक टीके नहीं लगवाए थे।
अचानाक बिगड़ी तबीयत, हकलाने लगी
समाजसेवी मनोज कुमार ने बताया कि रविवार को मनप्रीत कौर की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें बोलने में परेशानी होने लगी और वह हकलाने लगीं। परिजनों ने उसे पहले डबवाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। आज दोपहर को महिला का शव डबवाली स्थित गांव में लाया गया और शाम तक अंतिम संस्कार होगा।
डबवाली के डॉक्टरों ने किया बठिंडा रेफर
डबवाली के डॉक्टरों ने मनप्रीत कौर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बठिंडा के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। बठिंडा में भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स बठिंडा भेज दिया।
एम्स बठिंडा में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण सोमवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मनप्रीत कौर अपने पीछे दो बेटों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई।
घटना के बाद ग्रामीणाें में आई जागरूकता
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में इस घटना के बाद लोगों में कुत्तों के काटने के मामलों को लेकर जागरूकता बढ़ी है। लोग अब टीका लगवाने लगे हैं और गांव में कुत्तों की संख्या भी अधिक है।
कुत्ते के काटने से वर्षा की भी हुई थी मौत
इससे पहले गांव बिज्जूवाली निवासी वर्षा रानी (40) की कुत्ते के काटने के बाद मौत हो गई थी। महिला को समय पर रेबीज के टीके भी लगाए गए थे। इसके बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। परिजनों के मुताबिक, 16 जुलाई को गांव में एक आवारा कुत्ते ने वर्षा रानी के पैर, मुंह और बाजू पर काट लिया था। घटना के बाद चिकित्सकीय सलाह पर उसे रेबीज के टीके लगवाए गए। बताया गया कि करीब 3-3 दिन के अंतराल पर टीके लगाए गए थे।
कुछ समय बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां आने लगीं। हालत लगातार खराब होने पर परिजन उसे डबवाली के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पंजाब के बठिंडा स्थित एम्स अस्पताल रेफर कर दिया। महिला की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
महिला की 20 साल पहले शादी हुई थी। परिवार में पति जितेंद्र उर्फ विजय मेहता और 2 बेटे हैं। बड़ा बेटा 18 का तो छोटा बेटा 16 साल का है।