April 4, 2026
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  • चेयरमैन बोले- इंतजार खत्म, युवाओं को वेबसाइट पर मिलेंगे एडमिट कार्ड

हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) की ओर से 5500 पुलिस कांस्टेबल भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। आयोग की चेयरमैन की ओर से फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) की संभावित डेट जारी कर दिया है। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने खुद इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर इसकी जानकारी शेयर की है।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि, इंतजार खत्म, PMT 15 अप्रैल 2026 से आयोजित किया जाना संभावित है। PMT के लिए एडमिट कार्ड जल्द ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।

PMT की तैयारी में जुटा HSSC

HSSC अब पीएमटी और पीएसटी की तैयारियों में जुटा हुआ है। HSSC ने खेल विभाग निदेशक से पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम बॉस्केटबाल और वॉलीबाल हॉल की डिमांड कर दी है। वहीं लंबे टेस्ट शेड्यूल के लिए ड्यूटी देने को खेल विभाग से कोच भी मांगे हैं। हालांकि अभी तक खेल विभाग ने तय नहीं किया है कि इसके लिए वह HSSC को कितने कोच उपलब्ध करवाएगा।

वहीं तीन दिन पहले खेल विभाग के जॉइंट डायरेक्टर अश्विनी मलिक के साथ HSSC चेयरमैन हिम्मत सिंह ने अपने कार्यालय में बैठक भी की है। जिसमें पंचकूला स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई। उसके बाद हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की एक टीम ने खेल स्टेडियम में पहुंचकर तैयारियों का जायजा भी लिया।

मशीनें मंगवा रहा कमीशन

हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए आयोग अलग-अलग कंपनियों से टाइअप करने में जुटा हुआ है। अभी कमीशन और कंपनियों के बीच रेट को लेकर इश्यू चल रहा है। छाती और हाइट मापने वाली मशीनें जल्द ही आयोग के पास पहुंच सकती हैं। वहीं भर्ती कैंडिडेट को गर्मी के मौसम में बाहर ठहरने के लिए टैंट की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

2.70 लाख युवाओं ने किया अप्लाई

हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस भर्ती में करीब 2.70 लाख अभ्यर्थियों ने अपने फॉर्म को कंप्लीट सबमिट किया है। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के पास 31 जनवरी 2026 रात 11.59 बजे तक का समय था। हरियाणा सरकार ने हाल ही में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती निकाली है।

पार्टी से नहीं निकालेंगे, निलंबन का फैसला संभव

पार्टी सूत्रों के मुताबिक क्रॉस वोटिंग के आरोपी विधायकों को लेकर 2 ही विकल्पों पर चर्चा हुई। निलंबित किया जाए या पार्टी से बाहर निकाला जाए। दोनों ही स्थितियों में MLA की विधानसभा सदस्यता पर खतरा नहीं होगा। निलंबन की स्थिति में पार्टी का व्हिप मान्य होगा, यानी उन्हें सदन में यदि कांग्रेस किसी मामले में व्हिप जारी करती है, तो इन विधायकों का मानना पड़ेगा।

टेक्निकल आधार पर अयोग्य ठहराने का मौका देखेंगे

कांग्रेस की मंशा है कि इन विधायकों को किसी तरह टेक्निकल आधार पर अयोग्य ठहराया जा सके। यदि पार्टी किसी बिल या प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में वोट करने का व्हिप (अनिवार्य आदेश) जारी करती है और विधायक इसका उल्लंघन करते हैं तो एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत उन्हें अयोग्य ठहराया जा सकता है। ऐसे में उनका विधायक पद चला जाता है।

कमेटी के फैसला लेने में टेक्निकल बाधा
पार्टी सूत्रों के मुताबिक हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति इन विधायकों पर सीधे कोई फैसला नहीं ले सकती। बल्कि अपनी सिफारिशें केंद्रीय अनुशासन समिति को भेज सकती है। केंद्र में यह समिति एके एंटनी की अध्यक्षता में बनी है।

फाइनल फैसला आने में देरी होगीः प्रदेश की कमेटी की सिफारिशों पर अभी केंद्रीय समिति विमर्श करेगी। संभव है कि इन विधायकों को वहां भी तलब किया जाए। ऐसे में फाइनल फैसला आने में अभी देरी हो सकती है।