April 2, 2026
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  • दोस्तों से उधार लेकर पैसे लगाए, नोटबुक में लिखा-हिसाब; पिता बोले- कई बार रकम चुकाई

हरियाणा ब्रेंकिंग न्यूज : हरियाणा की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र से इंजीनियरिंग कर रहे स्टूडेंट पवन कुमार के सुसाइड केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पवन को ऑनलाइन गेमिंग का चस्का था। वह काफी समय से स्टेक (STAKE) नाम के ऑनलाइन गेमिंग एप में पैसे लगाता था।

इसके लिए उसने अपने दोस्तों से रुपए उधार लिए थे। रुपए हारने के बाद उसके दोस्त ब्याज सहित रुपए वापस करने का दबाव बना रहे थे। पुलिस को पवन के कमरे से नोटबुक और उसका सुसाइड नोट भी मिला है। नोटबुक में खर्च का हिसाब-किताब लिखा हुआ है।

हालांकि, परिवार ने ऑनलाइन गेमिंग की बात से इनकार किया है। मगर, दोस्तो के रुपए के लिए दबाव बनाने की शिकायत उन्होंने पुलिस से जरूर की है। चचेरे भाई का तो यहां तक कहना है कि उसके चाचा ने पवन के कुछ दोस्तों को रुपए वापस भी किए थे। साथ ही चेताया भी था कि भविष्य में पवन को रुपए ना दें। फिलहाल, पुलिस इस मामले में गहनता से जांच कर रही है।

31 मार्च की शाम को पवन का शव हॉस्टल में लटका मिला था

जिला नूंह के घासैड़ा गांव का रहने वाला पवन कुमार (22) NIT कुरुक्षेत्र के हॉस्टल नंबर-8, ब्लॉक-सी, कमरा नंबर 452 में अकेला रहता था। पवन NIT से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के तीसरे साल में पढ़ रहा था। मंगलवार यानी 31 मार्च की शाम करीब 7 बजे पवन का शव उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

मजबूरी में दोस्तों से लिए पैसे

विजेंद्र निवासी धासैड़ा ने बताया कि उनकी मिठाई की दुकान है। पवन उसका बड़ा बेटा था। उससे छोटा बेटा प्रिंस 12वीं क्लास और बड़ी बेटी पारुल कॉलेज में पढ़ती है। पवन NIT कुरुक्षेत्र में बीटेक कर रहा था।
दोस्तों पर दबाव बनाने का आरोप : पिता के मुताबिक, पवन ने अपने दोस्त विपिन, गुलशन, निखिल और अन्य से उधार लिए पैसे लिए थे। विपिन और निखिल ने क्रेडिट कार्ड से पैसे दिए थे। उसके दोस्त उस पर ब्याज समेत पैसे वापस करने का दबाव बना रहे थे।

दोस्तों के पैसे कर दिए थे वापस 

विजेंद्र के अनुसार, पवन ने मुझे बताया था कि मैंने सारे पैसे वापस कर दिए थे, लेकिन ये तीनों अब भी क्रेडिट कार्ड के पैसे पर बहुत ज्यादा ब्याज के साथ देने का दबाव बना रहे थे। मैंने मना कर दिया कि अब मेरे पास और पैसे नहीं हैं। इसी बात को लेकर मैं 31 मार्च शाम 7 बजे हॉस्टल पहुंचा, तो पवन के कमरे पर ताला लगा था।
निखिल को फोन कर बुलाया : तब मैंने बेटे के दोस्त निखिल को फोन करके बुला लिया। हमने खिड़की से देखा तो पवन फंदे पर लटका हुआ था। पवन ने खुद अलग कागज पर भी यह बात लिखी हुई है। अगर ये लोग मेरे बेटे को तंग न करते तो वो अपनी जान न देता। इन तीनों और अन्य साथियों ने मेरे बेटे को सुसाइड के लिए मजबूर किया।

बेटे ने कई बार परेशानी के बारे में बताया

विजेंद्र ने बताया कि बेटे के दोस्तों ने अपने क्रेडिट कार्ड से पैसे दिए और कुछ क्रेडिट कार्ड पवन के पास भी रख दिए। बेटे ने कई बार फोन पर उन्हें इस परेशानी के बारे में बताया था। मैंने सारे पैसे चुकता कर दिए थे, लेकिन दबाव कम नहीं हुआ। उनकी फोन पर भी पवन के साथ बातचीत हुई थी।

ऑनलाइन गेमिंग करता था पवन 

पुलिस के मुताबिक, पवन 7-8 साल से ऑनलाइन गेम खेलता था। पवन स्टेक एप पर कई बार पैसे भी गवां चुका था। उधर, पुलिस को बरामद नोटबुक से हिसाब-किताब लिखा मिला है। पुलिस का मानना है कि पवन काफी पैसा ऑनलाइन गेम में हार चुका था। हालांकि पुलिस इसकी जांच कर रही है, जबकि परिवार ने इस तरह की बात नहीं बताई।

हर एंगल से कर रहे मामले की जांच

उधर, पुलिस चौकी थर्ड के इंचार्ज विनोद कुमार ने बताया कि कमरे से एक नोटबुक पर कुछ लिखा मिला है, इसमें कुछ खर्च की बातें लिखी हैं। नोटबुक की जांच भी करवाई जाएगी। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

तथ्य और सुबूत पर होगी कार्रवाई

SHO थाना केयूके विशाल कुमार ने बताया कि पुलिस सुसाइड की जांच करवाएगी। सभी तथ्य और सुबूत के आधार पर कार्रवाई चल रही है। किसी के साथ भी गलत नहीं किया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया। घटनास्थल की फोरेंसिक जांच भी करवाई गई है।