- 3 शहरों में रेड अलर्ट
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में मंगलवार दोपहर मौसम ने फिर करवट बदली। हिसार, रेवाड़ी, भिवानी और महेंद्रगढ़ में बारिश के साथ ओले गिरे। भिवानी के तोशाम में मुख्यमंत्री की रैली के दौरान भी बारिश हुई, हालांकि अलर्ट को देखते हुए यहां वाटर प्रूफ पंडाल लगाया गया था। गुरुग्राम में भी बूंदाबांदी हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने शाम 5 बजे तक भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया है। फतेहाबाद और हिसार में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। बाकी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
अनुमान है कि 1 और 2 अप्रैल को मौसम साफ रहेगा, लेकिन 3 अप्रैल को फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट
30 मार्च को न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। औसतन 0.5°C की कमी आई, जिससे रातें थोड़ी ठंडी हुई हैं। नारनौल और भिवानी जैसे क्षेत्रों में सबसे कम तापमान करीब 18°C रिकॉर्ड किया गया। हालांकि यह सामान्य से करीब 3°C अधिक है। बादलों और हल्की बारिश का असर रात के तापमान पर पड़ा है।
नूंह में 35 डिग्री तक पहुंचा तापमान
प्रदेश में अधिकतम तापमान 30 मार्च को लगभग स्थिर रहा। नूंह में सबसे ज्यादा तापमान करीब 35.3°C दर्ज किया गया। कई जिलों में दिन का तापमान 32-34°C के बीच रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 3-4°C तक बढ़ोतरी संभव है। हालांकि बीच-बीच में बादल और हल्की बारिश तापमान को नियंत्रित रखेंगे। कुल मिलाकर गर्मी धीरे-धीरे बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल तेज लू जैसी स्थिति नहीं बनेगी।
एक दिन पहले 6 जिलों में बारिश हुई
एक दिन पहले यानी सोमवार को भी दोपहर बाद मौसम बदला था। सुबह तक प्रदेश के अधिकतर जिलों में धूप थी। दोपहर 12 बजे के बाद गुरुग्राम, हिसार, नारनौल, महेंद्रगढ़, कैथल और पानीपत में हल्की से मध्यम बारिश हुई। पानीपत में तो तेज हवाएं भी चलीं। शाम को सोनीपत में बारिश हुई।
किसान गेहूं में पीले रतुए की निगरानी करें
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए ही खेती करें। गेहूं की फसल में पीले रतुए की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता होने पर ही कीटनाशक का प्रयोग करें। सरसों और अन्य फसलों में कीट प्रबंधन पर ध्यान दें। बदलते मौसम और बढ़ती नमी के कारण फसलों में रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सतर्क रहें। खराब मौसम के दौरान फसलों पर छिड़काव और सिंचाई न करें। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने और उनके खान-पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।