October 21, 2026
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  • कुछ वरिष्ठ नेता बीमार, 3 दिन की हड़ताल पर अडिग

हरियाणा ब्रे​किंग न्यूज:  हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के साझा मंच ‘हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ होने वाली प्रस्तावित बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। शक्ति भवन (HVPNL) के चीफ इंजीनियर/एडमिन को पत्र भेजकर मोर्चा ने अपनी असमर्थता जताई है।

मोर्चा का कहना है कि प्रशासन द्वारा वार्ता के लिए बहुत कम समय (शॉर्ट नोटिस) दिया गया। इसके अलावा, संगठन के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी अस्वस्थ हैं और अन्य की पूर्व-निर्धारित अनिवार्य व्यस्तताएं हैं। इसी कारण सर्वसम्मति से बैठक में शामिल न होने का फैसला लिया गया है।

3 बजे रखी गई थी बैठक

हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, बिजली मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में यह बैठक 21 अक्टूबर को दोपहर 3:00 बजे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में तय की गई थी।

गुरुग्राम-नूंह में में पैरेलल लाइसेंस का विरोध

संयुक्त मोर्चा ने 25 साल के लिए समानांतर लाइसेंस दिए जाने के इस फैसले को ‘जन-विरोधी’ और ‘कर्मचारी-विरोधी’ करार देते हुए प्रदेशव्यापी आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। मोर्चे का आरोप है कि प्रदेश के सबसे ज्यादा राजस्व (प्रॉफिट) देने वाले क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपकर सरकारी बिजली निगम (DHBVN) की कमर तोड़ने की साजिश रची जा रही है। इसके विरोध में कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर तक 3 दिवसीय पूर्ण हड़ताल का शेड्यूल जारी किया है।

मोर्चा की मांग: कर्मचारियों के हित में तुरंत लिया जाए फैसला

चीफ इंजीनियर को भेजे पत्र में मोर्चा ने कहा कि बिजली क्षेत्र के सार्वजनिक हितों, प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं की निर्बाध बिजली सेवा और हजारों कर्मचारियों व अभियंताओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार को उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।