- पेचकस बनाने का बताते थे काम
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : सोनीपत के बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में पिछले 14 महीने से नकली सिक्के बनाने का खेल चल रहा था। सहारनपुर पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने यहां करीब 70 करोड़ रुपए के नकली सिक्के तैयार कर देशभर में खपा दिए।
फैक्ट्री मालिक ने इसे पेचकस बनाने के लिए 51 हजार रुपए महीने के किराए पर दिया था, लेकिन बिना पुलिस वेरिफिकेशन और जीएसटी नंबर की जांच के किराए पर दी गई फैक्ट्री में अंदर नकली सिक्के तैयार किए जा रहे थे।
सहारनपुर पुलिस ने 11 सितंबर की रात छापेमारी कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया और मशीनें, तैयार सिक्के व कच्चा माल कब्जे में लिया, लेकिन सोनीपत पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पेचकस की मशीनें दिखाकर बना रहे थे नकली सिक्के
सहारनपुर पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपितों ने फैक्ट्री के आगे वाले हिस्से में छोटी पेचकस बनाने की मशीनें लगा रखी थीं। इससे फैक्ट्री में आने-जाने वालों को यही लगता था कि यहां पेचकस बनाए जा रहे हैं। वहीं फैक्ट्री के अंदरूनी हिस्से में मशीन और डाई की मदद से 20 रुपए के नकली सिक्के तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने 11 सितंबर की रात कार्रवाई कर नकली सिक्के, मशीनें और कच्चा माल कब्जे में लिया।
51 हजार रुपए महीने में किराए पर ली थी
फैक्ट्री मालिक विशाल जैन के अनुसार, उनकी बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 450 वर्ग मीटर की फैक्ट्री है। पिछले साल जुलाई में संत रविदास नगर निवासी अनुराग पाल उर्फ लंकेश ने प्रॉपर्टी डीलर शिवकुमार कालिया के माध्यम से फैक्ट्री किराए पर लेने के लिए संपर्क किया था। रेंट एग्रीमेंट के तहत फैक्ट्री 51 हजार रुपए मासिक किराए पर दी गई थी।
पहले कृत्रिम आभूषण बनाने की बात की गई
विशाल जैन के अनुसार, अनुराग पाल ने प्रॉपर्टी डीलर को शुरुआत में कृत्रिम आभूषण बनाने की बात बताई थी। बाद में फैक्ट्री मालिक को बताया कि यहां पेचकस बनाए जाएंगे। इसके बाद फैक्ट्री के आगे वाले हिस्से में पेचकस बनाने की मशीनें लगा दी गईं। इसी की आड़ में अंदर नकली सिक्के बनाने का काम चल रहा था।
सरगना के 2001 से इसी काम में होने का दावा
सहारनपुर पुलिस ने नकली सिक्के बनाने के मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें पंजाब के जीरकपुर निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, सहारनपुर निवासी हिमांशु उर्फ गुल्लू और कुलदीप, मधुबनी निवासी संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन तथा संत रविदास नगर निवासी अनुराग पाल उर्फ लंकेश शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना उपकार लूथरा है और वह वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने के काम में लगा हुआ था।
फैक्ट्री में 12 हजार सिक्के तैयार करने की क्षमता
सहारनपुर पुलिस के मुताबिक, बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में मशीन और डाई की मदद से नकली 20 रुपए के सिक्के तैयार किए जा रहे थे। फैक्ट्री में एक दिन में करीब 12 हजार सिक्के तैयार करने की क्षमता थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मशीनों के साथ तैयार सिक्के और सिक्के बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी कब्जे में लिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह केवल सोनीपत में ही नकली सिक्के बनाने तक सीमित नहीं था। आरोपित सहारनपुर में भी एक दूसरी फैक्ट्री लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।