August 24, 2026
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  • हाईकोर्ट का फैसला लागू करने की मांग

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा  के सरकारी स्कूलों में पिछले 21 सालों से सेवाएं दे रहे 12 हजार गेस्ट टीचरों (अतिथि शिक्षकों) ने अपनी सेवाओं को नियमित कराने के लिए अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। गेस्ट टीचरों के सभी संगठनों ने आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आकर सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है।

गेस्ट टीचर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने बताया कि शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर लगातार मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को ज्ञापन रहा है। रविवार को भी कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, कृष्ण बेदी और राजेश नाग व राज्य मंत्री गौरव गौतम (खेल मंत्री) के अलावा राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, विधायक इंदुराज नरवाल उर्फ भालू, पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार के भाई महेंद्र सिंह पंवार को ज्ञापन सौंपा गया।

अब CM और केंद्रीय मंत्री से मिलेंगे शिक्षक

डॉ. अजय लोहान के अनुसार, गेस्ट टीचर अब अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा सरकार के सभी कैबिनेट व राज्य मंत्रियों और प्रदेश के सभी 90 विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे।

गेस्ट टीचरों के आंदोलन के मुख्य बिंदु…

  • हाईकोर्ट के आदेश लागू करने की मांग: शिक्षकों की सबसे प्रमुख मांग पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले को लागू करना है, जिसमें सरकार को 2 महीने के भीतर 12 हजार गेस्ट टीचरों को नियमित करने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।
  • 2014 का चुनावी वादा: शिक्षकों ने याद दिलाया कि 2014 में बीजेपी ने अपनी ‘पहली कलम’ से गेस्ट टीचरों को पक्का करने का वादा किया था, जो 10 साल बीत जाने के बाद भी अधूरा है।
  • 21 साल का लंबा संघर्ष: अतिथि शिक्षक पिछले 21 सालों से शिक्षा विभाग में सीमित मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनका भविष्य सुरक्षित नहीं हो पाया है।
  • सभी संगठन एकजुट: अपनी मांगों को मनवाने के लिए प्रदेश भर के गेस्ट टीचरों के तमाम संगठन अब एक मंच पर आ चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों के तहत जल्द ही उन्हें पक्का करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।