August 20, 2026
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  • भारत को टॉप-8 में पहुंचाया, टॉप-5 गोल स्कोरर में शामिल 

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हॉकी वर्ल्ड कप के सबसे बड़े मुकाबले में सोनीपत के स्टार फॉरवर्ड अभिषेक नैन ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 फील्ड गोल दागे और भारत की 5-3 की जीत में अहम भूमिका निभाई।

नीदरलैंड के वाघनर स्टेडियम में खेले गए पूल-डी के इस मुकाबले में अभिषेक ने 11वें और 24वें मिनट में गोल कर पाकिस्तान की रक्षापंक्ति को पूरी तरह दबाव में ला दिया। उनके इन 2 गोल की बदौलत भारत ने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बनाई और अंततः पाकिस्तान को 5-3 से हराकर टूर्नामेंट के टॉप-8 में जगह पक्की कर ली। दूसरी ओर पाकिस्तान का वर्ल्ड कप अभियान यहीं समाप्त हो गया।

सोनीपत के अभिषेक नैन ने पाकिस्तान के खिलाफ एक बार फिर अपनी गोल करने की क्षमता साबित की। भारत ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पाकिस्तानी डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। 5वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 11वें मिनट में अभिषेक ने शानदार फील्ड गोल करते हुए स्कोर 2-0 कर दिया।

24वें मिनट में दूसरा गोल, भारत 4-1 से आगे

पाकिस्तान के खिलाड़ी को 9वें मिनट में ग्रीन कार्ड मिलने के बाद भारत ने मिले मौके का पूरा फायदा उठाया। अभिषेक ने पाकिस्तान के डी में तेजी से प्रवेश करते हुए फील्ड गोल किया। इसके बाद 21वें मिनट में हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर से दूसरा गोल किया। पाकिस्तान ने एक गोल कर अंतर कम किया, लेकिन 24वें मिनट में अभिषेक ने अपना दूसरा गोल दागते हुए भारत की बढ़त 4-1 कर दी।

वर्ल्ड कप में भारत टॉप-8 में, पाकिस्तान बाहर

इस जीत के साथ भारत ने पूल-डी में 3 मैचों से 6 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले चरण में प्रवेश किया। भारत ने टूर्नामेंट में अपना दूसरा मुकाबला जीता। पाकिस्तान 3 मैचों में एक अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा और वर्ल्ड कप से बाहर हो गया।

टूर्नामेंट में हरमनप्रीत टॉप स्कोरर, अभिषेक भी टॉप-5 में

पाकिस्तान के खिलाफ 2 गोल करने के बाद अभिषेक नैन वर्ल्ड कप के शीर्ष गोल स्कोररों की सूची में टॉप-5 में शामिल हो गए हैं। कप्तान हरमनप्रीत सिंह 5 गोल के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर हैं। वेल्स के गैरेथ फर्लोंग 4 गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अभिषेक का लगातार गोल करना भारत के लिए अगले दौर में बड़ी ताकत माना जा रहा है।

एशिया कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे अभिषेक

अभिषेक का यह शानदार प्रदर्शन अचानक नहीं आया है। 2025 एशिया कप में उन्होंने 6 गोल किए थे और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। FIH ने भी वर्ल्ड कप से पहले उन्हें भारत के महत्वपूर्ण अटैकिंग खिलाड़ियों में शामिल करते हुए उनकी तेजी, स्किल और गोल करने की क्षमता को रेखांकित किया था।

पाकिस्तान के खिलाफ लगातार शानदार रिकॉर्ड

अभिषेक ने इस साल भी पाकिस्तान के खिलाफ अपनी निरंतरता दिखाई है। जून 2026 में एफआईएच प्रो लीग के लंदन चरण में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया था और उस मुकाबले में भी अभिषेक ने 22वें मिनट में गोल किया था। अब वर्ल्ड कप के मुकाबले में 2 गोल दागकर उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अपने प्रदर्शन को और मजबूत किया है।

सोनीपत के लिए फिर गर्व का पल

सोनीपत में जन्मे अभिषेक नैन भारतीय हॉकी के प्रमुख फॉरवर्ड के रूप में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। हॉकी इंडिया के अनुसार वह अब 135 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और 54 गोल कर चुके हैं। उन्हें 2024 में अर्जुन अवॉर्ड भी मिला था।

पिछले 10 साल से पाकिस्तान पर भारत का दबदबा

भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार छठी जीत दर्ज की। पिछले करीब एक दशक में दोनों टीमों के बीच मुकाबलों में भारत का पलड़ा भारी रहा है। पाकिस्तान ने आखिरी बार 2016 के साउथ एशियन गेम्स के फाइनल में भारत को हराया था।

भारत की जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी शानदार भूमिका निभाई। उन्होंने 5वें और 21वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। इस तरह भारत के 5 गोल में हरमनप्रीत और अभिषेक के 2-2 गोल रहे, जबकि हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक से एक गोल किया।

कौन हैं अभिषेक नैन

सोनीपत के रहने वाले अभिषेक नैन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित हो चुके हैं। पेरिस ओलिंपिक में भारतीय हॉकी टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले सोनीपत के युवा हॉकी खिलाड़ी अभिषेक मयूर विहार गली नंबर 25 के रहने वाले है।

अभिषेक नैन का जीवन संघर्ष, लगन और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी है। बचपन से ही हॉकी के प्रति उनके जुनून ने उन्हें कई चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया। चोट लगने और कई अन्य मुश्किलों के बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

अब जानिए अभिषेक के संघर्ष से सफलता की कहानी…

11 साल की उम्र में पेड़ से गिरकर लगी चोट: अभिषेक के बचपन से ही काफी संघर्षशील रहे हैं। 11 साल की छोटी सी उम्र में ही वे जामुन के पेड़ से गिरकर घायल हो गए थे और उन्हें काफी गहरी चोट लगी थी। हालत यह थे कि डॉक्टर ने उन्हें हॉकी खेलने से मना कर दिया था। लेकिन जिद जुनून और संघर्ष की सोच को लेकर उन्होंने हार नहीं मानी और परिजनों के मना करने के बाद भी हॉकी के मैदान को नहीं छोड़ा। परिजनों की माने तो करीबन ने 10 टांके आने के बाद भी वह हॉकी की स्टिक लेकर अभ्यास के लिए जाते थे।

कोच की रही महत्वपूर्ण भूमिका: अभिषेक को जब चोट लगी थी तो उसके बाद परिजनों से खेलने के लिए पूरी तरह से मना कर दिया था। लेकिन अभिषेक किसी भी सूरत में अपने खेल को छोड़ना नहीं चाहता था। अभिषेक के कोच शमशेर ने उनके घर वालों को समझाया और दोबारा से अभिषेक की हॉकी का खेल शुरू करवाया।

जब सपना टूट गया था: 2016 में अभिषेक को जब जूनियर जूनियर शिविर में शामिल नहीं किया गया तो उसका विश्व कप खेलने का सपना टूट गया था। तब उसका मन भी डगमगा गया था। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को निर्धारित कर लगातार खेलते रहा। अपने बचपन के सपने को लेकर वह प्रतिदिन ट्रेन में सवार होता था और कड़े संघर्ष के बाद उन्होंने अपने संघर्ष को ओलिंपिक में खेलने के सपने में तब्दील कर दिया।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तोड़ी 3 स्टिक: सोनीपत के सीआर जेड स्कूल के छात्रावास में रहकर उन्होंने अपने सफर को ओलिंपिक तक पहुंचा है। 5वीं कक्षा में जब अभिषेक में पढ़ाई के साथ-साथ खेल कर रहे थे और उसे दौरान ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के मुकाबले में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3 स्टिक तोड़ दी थी। उस दौरान अभिषेक नैन के खेल ने हर किसी को प्रभावित किया था और जिसके चलते अभिषेक में सबके दिलों पर राज करने लगे थे।

अपनी संस्कृति और खानपान से लगाव: अभिषेक ने अपने हरियाणवी होने के गर्व को कभी नहीं भूलते और हरियाणवी संस्कृति और खान-पान को हमेशा प्रमोट करते हैं। अभिषेक अपने खान-पान को लेकर काफी चटोरे हैं और वे चूरमे के शौकीन है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता से लेकर ओलिंपिक का सफर तय करने वाले अभिषेक जब घर पहुंचते थे तो सबसे पहले मां से कहकर चूरमा ही बनवा कर खाते थे।