- फतेहाबाद में ड्रग केस में पुलिस के नाम पर डील, ACB ने एसएचओ को छोड़ा
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में नशे का केस दबाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने फतेहबाद के एक एसएचओ को रात भर कार्यालय में बैठाए रखा। उनकी सरकारी गाड़ी की तलाशी भी ली गई। इसकी सूचना मिलते ही कई एसएचओ और चौकी प्रभारी एसीबी के कार्यालय पर पहुंच गए।
देर रात करीब एक बजे तक एसएचओ से सवाल-जवाब होते रहे। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। एसीबी की ओर से बताया गया कि रिश्वत केस में एक बिचौलिया पकड़ा गया था, जिसने नशे का मामला दबाने के लिए 5 लाख रुपए में डील की थी। साढ़े चार लाख रुपए ले लिए थे। बाकी 50 हजार रुपए लेते हुए उसे अरेस्ट कर लिया। उसी ने एसएचओ का नाम लिया।
दावा किया जा रहा है कि एसएचओ के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले। फिलहाल, एसीबी टीम बिचौलिए से पूछताछ कर रही है कि उसने एसएचओ का नाम किस आधार पर लिया। उसके साथ इस मामले में और कौन-कौन शामिल हैं।
11 दिसंबर 2025 को दर्ज हुआ था केस: यह मामला 11 दिसंबर 2025 को टोहाना पुलिस ने 7 ग्राम हेरोइन के साथ बिठमड़ा निवासी जगजीत सिंह को पकड़ा। जगमीत सिंह के अनुसार, बिचौलिए कीरतपाल ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज केस से उसका नाम हटवाने के नाम पर 5 लाख रुपए की डील की थी।
पहले 4.5 लाख रुपए दे चुका, 50 हजार बाकी थे: जगजीत का कहना है कि वह कीरतपाल को पहले ही 4.5 लाख रुपए दे चुका था और बाकी 50 हजार रुपए शुक्रवार को दिए जाने थे। इसलिए उससे मुलाकात के लिए समय तय किया गया था।
एसीबी को दी शिकायत, बिछाया गया ट्रैप: जगजीत ने इस पहले मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। इसके बाद करनाल यूनिट के इंचार्ज अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई की। एसीबी टीम ने 50 हजार रुपए के नोटों पर केमिकल लगाकर शिकायतकर्ता को दिए और उसे बिचौलिए के पास भेजा।
50 हजार की रकम हाथ में लेते ही पकड़ा : जैसे ही कीरतपाल ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान पूछताछ में बिचौलिए ने दावा किया कि वह यह रकम टोहाना शहर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के नाम पर ले रहा था। इस दावे के बाद एसीबी टीम ने थाना प्रभारी से भी पूछताछ की।
एसएचओ के कार्यालय और गाड़ी जांचे: एसीबी टीम ने एसएचओ के कार्यालय और सरकारी गाड़ी की गहनता से तलाशी ली। इसके बाद एसीबी टीम बिचौलिए, शिकायतकर्ता और एसएचओ कुलदीप सिंह को अपने साथ फतेहाबाद एसीबी कार्यालय ले आई। जहां देर रात 1 बजे तक दोनों से पूछताछ होती रही।
कई एसएचओ थाने पहुंचे, एसीबी ने छोड़ा
उधर, सूचना पाकर फतेहाबाद से कई एसएचओ और चौकी प्रभारी भी एसीबी कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद एसीबी टीम ने गहनता से मामले की जांच की। इसके बाद एसएचओ इंस्पेक्टर कुलदीप को एसीबी की टीम ने छोड़ दिया। बताया गया है कि एसएचओ के खिलाफ पैसे लेने के प्रारंभिक तौर पर कोई सबूत नहीं मिले और न ही पैसे मांगने के सुबूत मिले हैं।
अब एसीबी कर रही बिचौलिए से पूछताछ
एसीबी पता लगा रही कौन-कौन शामिल – एसीबी द्वारा पूरे मामले में रकम के लेन-देन तथा कथित डील से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। अब जांच के दौरान यह सामने आना बाकी है कि 5 लाख रुपए की कथित डील में और कौन-कौन लोग शामिल थे और रकम वास्तव में किसके लिए मांगी जा रही थी।