- मेहनत बनी पहचान, अब एशियन गेम्स पर फोकस
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : भिवानी जिले के गांव धनाना की बेटी साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता है। जो मेडल जीतकर दल के साथ भारत लौटी। इस दौरान दिल्ली के एयरपोर्ट पर परिवार ने उन्हें रिसीव किया और स्वागत किया।
साक्षी चौधरी ने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है कि मैंने इंडिया के लिए गोल्ड मेडल जीता है। भारत लौटने पर स्वागत का पल एक प्राउड मोमेंट लग रही है कि इतने लोग हमारे स्वागत में खड़े हैं। आगे एशियन गेम आने वाले हैं, मेरी उम्मीद है कि अपनी परफॉर्मेंस को मैंटेंन रखूं और एशियन गेम में इंडिया के लिए गोल्ड मेडल जीतूं।
14 साल हो गए बॉक्सिंग खेलते हुए
मेरे यहां तक पहुंचने में मेरी फैमिली का संघर्ष रहा है। वो हमेशा मेरे साथ खड़ी रही है, चाहे मैं हार रही हूं या जीत रही हूं। वे हमेशा मेरी बैकबोन बनकर मेरे साथ खड़ी रही है। मैं सभी को यही कहना चाहूंगी कि सपने देखो और फिर उनके लिए काम करो। दिन-रात मेहनत करो, हमें सफलता जरूर मिलेगी। मेरा यहां तक का सफर कोई आसान नहीं था। मुझे 14 साल हो गए बॉक्सिंग खेलते हुए।
अभी मैंने कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडल जीता है। काफी लंबे इंतजार के बाद मुझे यह मेडल मिला है, तो काफी अच्छा लग रहा है। अभी हमारा 10 तारिख से नेशनल कैंप स्टार्ट हो जाएगा। उसमें हम एशियन गेम के लिए ट्रेनिंग करेंगे।
बॉक्सर साक्षी के पिता किसान, मां गृहणी
भिवानी के गांव धनाना की बेटी साक्षी ने 51 किलोग्राम भारवर्ग में बॉक्सिंग करती है। साक्षी के पिता मनोज कुमार ने बताया कि वे खेतीबाड़ी करते हैं और साक्षी की मां शीला देवी गृहणी है। उनको 2 बच्चे (एक बेटा व एक बेटी) हैं। उनका लड़का आर्मी में लगे हुए हैं। साक्षी ने 2012 में बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था। वहीं साक्षी एमए की पढ़ाई पूरी करके एमबीए की पढ़ाई कर रही है।
मुकाबले में बेहतरीन रणनीति अपनाई
बॉक्सर साक्षी चौधरी ने यूनानिमस डिसीजन 5-0 से जीत हासिल की। साक्षी ने मुकाबले के दौरान बेहतरीन रणनीति अपनाई। उन्होंने बाएं हाथ से प्रतिद्वंद्वी के पंचों को रोका और दाएं हाथ से लगातार सटीक जवाबी हमले किए। उनके कई पंच सीधे प्रतिद्वंद्वी के चेहरे पर लगे, जिससे मुकाबले में उनकी पकड़ मजबूत होती गई। इसकी बदौलत कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडल जीता।