- थानेसर स्टेशन पर हुआ ठहराव, जींद से कुरुक्षेत्र पहुंची ट्रेनों का अब रेगुलर होगा
हरियाणा ब्रेेकिंग न्यूज : हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक पर बने प्रदेश के पहले प्लेटफार्म पर आज रात 8:32 बजे जींद से चलकर आई 54048 जींद-कुरुक्षेत्र पैसेंजर ट्रेन दो मिनट के लिए सिटी थानेसर रेलवे स्टेशन रुकी। फिर इंजन की सीटी के साथ कुरुक्षेत्र जंक्शन के लिए रवाना हो गई। इसी के साथ एलिवेटेड ट्रैक पर नियमित ट्रेन संचालन की शुरुआत भी हो गई।
इससे पहले पूरे दिन कुरुक्षेत्र-नरवाना-जींद रेलवे लाइन पर करीब 12 घंटे का पावर और ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया। इस दौरान रेलवे ने पुरानी लाइन और नए एलिवेटेड ट्रैक के बीच अंतिम कट एंड कनेक्शन का काम पूरा किया। मशीनों की मदद से पुरानी पटरियों को काटकर नई लाइन से जोड़ा गया।
शाम को मिली मंजूरी
कनेक्शन पूरा होने के बाद ट्रैक पर इंजन चलाकर सफल ट्रायल लिया गया। शाम होते-होते ट्रेनों के संचालन की मंजूरी मिल गई। हालांकि 9 जुलाई को ट्रैक पर ट्रायल होना था, लेकिन उसे टाल दिया गया। फिर रेलवे विभाग ने नई टाइम लाइन जारी करते हुए 10 जुलाई या इसके बाद ट्रेन संचालक का टारगेट रखा था।
8:27 बजे मिर्जापुर से ट्रैक पर चढ़ी
एलिवेटेड ट्रैक पर चलने वाली यह पैसेंजर ट्रेन जींद स्टेशन से शाम 5:50 पर रवाना हुई। रात 8:27 पर यह ट्रेन मिर्जापुर गांव के पास से एलिवेटेड ट्रैक पर चढ़ गई। 5 मिनट के अंदर यह ट्रेन स्टेशन पर पहुंच गई। इस ट्रेन के लोको पायलट चंद्रकांत कुमार, सहायक लोको पायलट मनीष कुमार तथा रेलवे के पीडब्ल्यूआई एल मीणा मौजूद रहे।
इंजन ट्रायल के बाद मिली संचालन की मंजूरी
कट एंड कनेक्शन पूरा होने के बाद रेलवे ने ट्रैक पर इंजन दौड़ाकर तकनीकी जांच की। ट्रैक, सिग्नल और अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने के बाद रात में यात्री ट्रेन के संचालन की अनुमति दे दी गई। 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जींद से इस ट्रैक का उद्घाटन करेंगे।
447 करोड़ रुपए में तैयार हुआ प्रोजेक्ट
कुरुक्षेत्र का एलिवेटेड रेलवे ट्रैक करीब 447 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। इस परियोजना का शिलान्यास 22 अगस्त 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब यह परियोजना संचालन के चरण में पहुंच गई है।
हरियाणा का दूसरा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक
कुरुक्षेत्र का यह एलिवेटेड रेलवे ट्रैक हरियाणा का दूसरा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक है, जबकि प्रदेश का पहला एलिवेटेड प्लेटफार्म है। इसके शुरू होने से शहर के कई रेलवे फाटक खत्म होने से ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।