- राजनीति से रुकेगा विकास, मुआवजे से हैं संतुष्ट
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के नारनौल में गांव बसीरपुर में प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब को लेकर चल रहे विवाद के बीच गुरुवार को गांव बसीरपुर, तलोट, घाटाशेर और छिलरो के किसानों ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर परियोजना का खुलकर समर्थन किया।
किसानों ने कहा कि उन्होंने अपनी जमीन पूरी तरह अपनी इच्छा से हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIDC) को दी है। जमीन अधिग्रहण में किसी प्रकार की जबरदस्ती या फर्जी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुआवजे से संतुष्ट
किसानों ने कहा कि उनकी जमीन की वास्तविक बाजार कीमत 10 से 12 लाख रुपये प्रति एकड़ से अधिक नहीं थी, जबकि सरकार ने उन्हें लगभग 30 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया। ऐसे में वे दिए गए मुआवजे से संतुष्ट हैं। जिन किसानों को किसी प्रकार की आपत्ति है, उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया हुआ है और मामला वहीं विचाराधीन है। ऐसे मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति करना उचित नहीं है।
सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
प्रेसवार्ता में किसानों ने कहा कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब महेंद्रगढ़ जिले का सबसे बड़ा विकास प्रोजेक्ट है। इसके शुरू होने से क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश आएगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही परिवहन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर होगा।
कई कर रहे भाईचारा खराब
किसानों ने यह भी कहा कि कुछ लोग उन्हें आंदोलन में शामिल होने के लिए लगातार गुमराह कर रहे हैं और गांवों का भाईचारा खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अनपढ़ नहीं हैं, बल्कि पढ़े-लिखे किसान हैं और सभी दस्तावेजों को अच्छी तरह पढ़ने और समझने के बाद ही अपनी जमीन HSIDC को दी है।
पूर्व मंत्री पर आरोप निराधार
उन्होंने दावा किया कि पूरे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी रही है तथा परियोजना में कहीं भी किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ। किसानों ने पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह पर लगाए जा रहे आरोपों को भी निराधार बताते हुए कहा कि विकास कार्यों को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील की कि परियोजना को समय पर पूरा कराया जाए ताकि क्षेत्र का विकास प्रभावित न हो। प्रेसवार्ता में किसान सुरेंद्र (बसीरपुर), सुभाष, रामपाल सहित चारों गांवों के अनेक किसान उपस्थित रहे।