July 7, 2026
7 july 4
  • लंबे समय तक एक जिले में नहीं जमे रहेंगे

हरियाणा  ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा सरकार पटवारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सरकार मौजूदा जिला (डिस्ट्रिक्ट) कैडर की जगह स्टेट कैडर लागू करने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इस प्रस्ताव पर जल्द कैबिनेट बैठक में चर्चा हो सकती है।

सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से पटवारियों के लंबे समय तक एक ही जिले में जमे रहने की समस्या खत्म होगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। वर्तमान व्यवस्था में पटवारी जिला कैडर के कर्मचारी होते हैं। उनका तबादला आमतौर पर उसी जिले के अलग-अलग सर्किलों में होता है। इससे कई पटवारी वर्षों तक एक ही जिले में कार्यरत रहते हैं और स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क विकसित हो जाता है।

क्यों बदल रही सरकार व्यवस्था

भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही: राजस्व विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही हैं कि एक ही जिले में वर्षों तक तैनाती रहने से कुछ जगहों पर भ्रष्टाचार और स्थानीय प्रभाव बढ़ रहा है। सरकार इसे कम करना चाहती है।

जिले से बाहर ट्रांसफर नहीं: मौजूदा व्यवस्था में पटवारी जिला कैडर के कर्मचारी हैं। उनका तबादला आमतौर पर उसी जिले के भीतर होता है, इसलिए दूसरे जिलों में भेजने का विकल्प नहीं होता।

एक ही जगह कट जाता है अधिकांश कार्यकाल: कई पटवारी अपने पूरे सेवा काल का बड़ा हिस्सा एक ही जिले में बिताते हैं। इससे स्थानीय नेटवर्क मजबूत हो जाता है और निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।

सिर्फ सर्कल बदलता है, जिला नहीं: ट्रांसफर होने पर भी अधिकतर मामलों में केवल सर्कल बदलता है, जिला वही रहता है। इससे लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में बने रहने की स्थिति बनी रहती है।

स्टेट कैडर से क्या बदलेगा

स्टेट या डिवीजन स्तर का कैडर बनने पर सरकार जरूरत के अनुसार किसी भी जिले में पटवारियों की तैनाती कर सकेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ने, जवाबदेही तय होने और प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होने की उम्मीद है।इससे जरूरत के अनुसार किसी भी जिले में उनकी तैनाती संभव होगी। सरकार का मानना है कि इससे मानव संसाधन का बेहतर उपयोग होगा और किसी एक जिले में लंबे समय तक जमे रहने की प्रवृत्ति खत्म होगी।

सरकार को क्या होगा फायदा

नई व्यवस्था लागू होने पर विभाग को रिक्त पदों वाले जिलों में तुरंत पटवारी भेजने में आसानी होगी। साथ ही पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक नियंत्रण भी मजबूत होगा। इससे भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी सेवाओं में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।