- सोनीपत में 20 बसों का संचालन बंद
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा रोडवेज के डिपो में पिछले कई महीनों से टायरों की किल्लत बनी हुई है। टायरों का नया स्टॉक नहीं आने के कारण कर्मचारी रोडवेज की बसों को वर्कशॉप में खड़ी करने को मजबूर हैं।
सोनीपत जिले में ही टायरों की कमी के चलते 20 बसों का संचालन बंद हो गया है। इनमें 5 एसी और 15 अन्य बसें शामिल हैं। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि टायरों के साथ-साथ स्पेयर पार्ट्स और वर्कशॉप में मिस्त्रियों की कमी भी समस्या को बढ़ा रही है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
सोनीपत में 99 बसों का बेड़ा, 20 वर्कशॉप में खड़ी
सोनीपत रोडवेज डिपो में कुल 99 बसें हैं। इनमें 15 एसी बसें, 6 मिनी बसें और 78 साधारण बसें शामिल हैं। टायरों की कमी के कारण इनमें से 20 बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। इनमें 5 एसी बसें और 15 अन्य बसें शामिल हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि बसें उपलब्ध होने के बावजूद टायर नहीं मिलने से उनका संचालन नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर यात्रियों को मिलने वाली परिवहन सुविधा पर पड़ रहा है।
हर डिपो में औसतन 18 से 20 बसें खड़ी, 500 से ज्यादा बसें प्रभावित
सांझा मोर्चा हरियाणा के वरिष्ठ सदस्य मनजीत पाल ने बताया कि टायरों की कमी की समस्या केवल सोनीपत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे हरियाणा के रोडवेज डिपो में ऐसे ही हालात बने हुए हैं। प्रदेश में 24 डिपो और 13 सब डिपो हैं।
प्रत्येक डिपो में औसतन 18 से 20 बसें टायरों की कमी के कारण खड़ी हैं। प्रदेशभर में 500 से ज्यादा बसें इस समस्या से प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा कि टायरों का स्टॉक नहीं आने से रोडवेज की परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
वर्कशॉप में दो मिस्त्री, स्पेयर पार्ट्स की भी किल्लत
साँझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य मनजीत पहल ने बताया कि सोनीपत रोडवेज की वर्कशॉप में केवल दो मिस्त्री काम कर रहे हैं। इसके अलावा स्पेयर पार्ट्स, फिल्टर, पाइप और सेंसर की भी कमी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कई बसों की स्थिति अच्छी है और वे चलने योग्य हैं, लेकिन टायरों की कमी के कारण उनकी फिटनेस नहीं हो पा रही है।
वर्कशॉप में पर्याप्त मिस्त्री नहीं होने से भी बसों की मरम्मत और फिटनेस का काम प्रभावित हो रहा है। ऐसे हालात में ड्राइवरों को भी बसों के संचालन के दौरान जोखिम उठाना पड़ रहा है।
मुख्यालय से नहीं आ रहा स्टॉक, टेंडर प्रक्रिया पूरी
वर्कशॉप मैनेजर अभिनव सिंगला ने बताया कि चंडीगढ़ मुख्यालय से ही टायरों का स्टॉक नहीं आ रहा है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और पूरे हरियाणा में फिलहाल इसी प्रकार की समस्या बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही इसका समाधान होने की उम्मीद है। सोनीपत और गोहाना डिपो में कुल 20 बसें टायरों की कमी के चलते खड़ी हुई हैं।