- लिया जाएगा फैसला
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार ने गन्ने का भाव अगले दो वर्षों के लिए ₹415 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹450 प्रति क्विंटल कर दिया है।वर्ष 2026-27 के लिए गन्ने का भाव ₹430 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में ₹15 अधिक है। वहीं, अगले वर्ष 2027-28 के लिए यह दर ₹450 प्रति क्विंटल होगी। इस लिहाज से कुल 35 रुपए की बढ़ोतरी हुई है लेकिन किसान संगठन इस बढ़ोतरी को नाकाफी बता मुद्दे पर लामबंद हो रहे हैं। मामले पर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने 5 नवंबर को कुरुक्षेत्र में सुबह 11 बजे इस काम से जुड़े सभी लोगों की बैठक बुलाई है जिसमें मामले पर फैसला लिया जाएगा। मुद्दे पर अन्य किसान संगठन भी एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज करवा करवाते हुए आगे की रणनीति बना रहे हैं।
किसान यूनियन-600 रुपए क्विंटल हो गन्ने का रेट
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि गन्ने के भाव में मात्र 15 रुपए की बढ़ोतरी किसानों के साथ अन्याय है। 600 प्रति क्विंटल से कम भाव किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है। संगठन का मानना है कि गन्ने का लाभकारी मूल्य नहीं मिलने के कारण किसान धीरे-धीरे गन्ने की खेती से दूरी बना रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो भविष्य में गन्ने के रकबे और उत्पादन में और गिरावट आ सकती है। सरकार एक तरफ किसानों को गन्ने की खेती बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है, लेकिन दूसरी तरफ उचित भाव देने से पीछे हट रही है।
एक्सपर्ट बोले-निरंतर बढ़ रही खेती की लागत
भारतीय कृषि अनुंधान संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ वीरेंद्र लाठर ने मामल पर कहा कि सरकार ने कहा था कि किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। देश में किसानों की आय दोगुनी तो हुई नहीं लेकिन खेती की लागत जरुर दोगुनी हो गई। डीजल, दवाइयाँ, सिंचाई, खाद, मजदूरी और कृषि उपकरणों के दामों में व्यापक स्तर वृद्धि हुई है। इसके बावजूद किसानों को उनकी मेहनत और लागत के हिसाब से गन्ने का उचित रेट नहीं मिल रहा जो उनके साथ बेहद अन्याय है।
एक तरफ मंहगाई में निरंतर वृद्धि हो रही है और चीनी उद्योग अन्य उत्पादों से भी आर्थिक लाभ कमा रहा है, वहीं दूसरी तरफ गन्ना किसान अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं।