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हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। मार्च सेक्टर-17 स्थित आरबीआई कार्यालय के पास से शुरू होकर चुनाव आयोग कार्यालय तक जाएगा। मार्च से पहले पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा- वोट चोरी करन वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गिरफ्तार होने चाहिए। पार्टी ने CEC को पद से हटाने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की है। बता दें कि SIR के जरिए देश में 13 करोड़ से ज्यादा वोट डिलीट करने का आरोप है। उधर, बुधवार को इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR को लेकर पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। मामला सामने आने पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां एसआईआर पर रोक की भी मांग कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव तक रोकी जाए SIR
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने विधानसभा चुनाव तक मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव वाली मौजूदा मतदाता सूचियों के आधार पर कराए जाएं और किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए। वड़िंग के मुताबिक, नए फॉर्म-6 की जटिलताओं के कारण पहली बार वोट देने वाले कई योग्य मतदाता अपना नाम दर्ज नहीं करा पा रहे हैं।
कई लोगों के नाम हटाए गए हैं
वड़िंग ने दावा किया कि SIR के मौजूदा तरीके से लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि चुनाव से कुछ महीने पहले मतदाताओं के नाम हटाना चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करेगा। उन्होंने मांग की कि विधानसभा चुनाव तक SIR रोककर चुनाव के बाद इसे पारदर्शी तरीके से कराया जाए।
रिपोर्ट में दावा- चुनाव आयुक्तों ने आपत्तियां ज्ञानेश कुमार को भेजी थीं
इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 28 अक्टूबर 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच 14 बार आयोग के फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज की।
इनमें वोटर लिस्ट, Form-6, नए वोटरों और वोटर डेटाबेस से जुड़े मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों की प्रतियां CEC ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गई थीं। यह विवाद जून 2025 से बिहार में शुरू हुए SIR के दौरान सामने आया।
चुनाव आयोग बोला- सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए
चुनाव आयोग ने 23 सितंबर की शाम इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में किए गए दावों पर अपना पक्ष रखा। आयोग ने X पर जारी बयान में कहा कि बहुसदस्यीय संस्था में अलग-अलग राय और सुझाव आना सामान्य बात है।