September 22, 2026
22 sep 21
  • कुरुक्षेत्र में GT रोड जाम करने जा रहे थे, वाटर कैनन का भी इस्तेमाल

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने पर किसान और पुलिस आमने-सामने हो गए। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने मंगलवार को GT रोड जाम करने का ऐलान किया था। DC विश्राम कुमार मीणा के साथ मीटिंग बेनतीजा रहने के बाद किसान जाम करने के लिए निकल गए।

बराड़ा रोड पर पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। किसान बैरिकेडिंग की तरफ बढ़े तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद किसान फ्लाईओवर पर चढ़ गए और जाम लगा दिया।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा, “बेईमान अधिकारियों की वजह से यह सब हो रहा है। सरकार किसानों को पिटवाना चाहती है। इन्हें किसानों की बदनामी कराने में मजा आता है। ऐसे अधिकारियों को हरियाणा से हटा देना चाहिए। उधर हाईवे पर पुलिस लाठी लेकर तैयार है। हम पिटेंगे, हम जाएंगे और वो पीटेंगे।”

किसानों के बीच पहुंचे थे DC मीणा

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि 16 सितंबर को धान की सरकारी खरीद को लेकर शाहाबाद अनाज मंडी में किसानों की बैठक हुई थी। इसमें कुरुक्षेत्र के DC विश्राम कुमार मीणा भी पहुंचे थे। किसानों ने मंडियों में फसल पहुंचने का हवाला देते हुए जल्द खरीद शुरू करने की मांग की थी। प्रशासन ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्र से तय समय से पहले 20 सितंबर से खरीद शुरू कराने का अनुरोध किया है।

इस आश्वासन के बाद किसानों ने 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का अल्टीमेटम दिया था और मांग पूरी न होने पर 22 सितंबर को जाम लगाने की चेतावनी दी थी।

पोर्टल 27 सितंबर तक खुला

सरकार ने किसानों को फसल रजिस्ट्रेशन का एक और मौका दिया है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया है। किसान 27 सितंबर तक फसल का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। किसानों की मांग है कि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और खरीद प्रक्रिया में तालमेल रहे, ताकि मंडियों में फसल खरीद के लिए इंतजार न करना पड़े।

पिछले साल 22 सितंबर से शुरू हुई खरीद

धान खरीद की तारीख को लेकर पिछले साल भी किसानों ने सरकार पर दबाव बनाया था। 2025 में हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी। पहले खरीद 1 अक्टूबर से होनी थी, लेकिन किसानों की मांग और विरोध के बाद तारीख आगे बढ़ाई गई थी। पिछले साल करीब 59.62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी।