September 18, 2026
18 sep 13
  • यूपीआई से 2000 रुपए से ऊपर पेट्रोल-डीजल लेने पर 5 रुपए MDR का विरोध

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से अधिक के यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन पर ₹5 मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AHPDA) ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि पेट्रोल पंपों को इस नियम से राहत नहीं मिली, तो पूरे हरियाणा के पेट्रोल पंपों पर कैशलेस (डिजिटल) पेमेंट की सुविधा बंद कर दी जाएगी और केवल नकद (कैश) भुगतान लेकर ही तेल दिया जाएगा।

हिसार एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि हालांकि यह नियम अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है, लेकिन इसके विरोध में 17 सितंबर की दोपहर को वित्त मंत्रालय (दिल्ली) को ईमेल के जरिए एक औपचारिक ज्ञापन भेजा गया है।

डीलर्स का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद से तेल कंपनियों ने उनके कमीशन में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। ऐसे में यूपीआई पर नया शुल्क लागू होने से पेट्रोल पंप संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

समझें, कैसे पड़ेगा पंप मालिक पर सीधा असर

पेट्रोल-डीजल पर 2 से 3 रुपए की बचत : ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन जिला हिसार के प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि पेट्रोल पंप मालिक को प्रत्येक लीटर डीजल पर 2 रुपए और पेट्रोल पर करीब 3 रुपए की बचत होती है। एक ग्राहक ने ₹2,100 का पेट्रोल यूपीआई से भरवाया।

मुनाफ से सीधे 5 रुपए कट जाएंगे : इस ट्रांजैक्शन पर पंप मालिक डजो मुनाफा मिलना था, उसमें से ₹5 सीधे कट जाएंगे। पेट्रोल पंप का बिजनेस बहुत कम मार्जिन पर चलता है, इसलिए हर बड़े यूपीआई पेमेंट पर ₹5 कटने से उनका बचा-खुचा मुनाफा खत्म हो जाएगा और उन्हें अपनी जेब से पैसे भरने पड़ेंगे।

4. छोटे पेट्रोल पंपों पर सबसे ज्यादा असर गांवों या हाईवे के किनारे बने छोटे पेट्रोल पंपों पर दिनभर में कुल बिक्री (सेल) वैसे ही कम होती है। अगर वहां भी डिजिटल पेमेंट पर ₹5 कटने लगे, तो उनकी रोज़ाना की बचत बहुत घट जाएगी और पंप चलाना मुश्किल हो जाएगा।

ये हैं पेट्रोल डीलर एसोसिएशन की मुख्य मांगें…

MDR से पूरी छूट: पेट्रोल पंपों को ₹2,000 से ऊपर के UPI लेन-देन पर लगने वाले ₹5 के MDR शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।

ज़ीरो-MDR सुविधा जारी रहे: फ्यूल सेक्टर के लिए पहले से चली आ रही जीरो-MDR व्यवस्था को बरकरार रखा जाए।

कम बिक्री वाले पंपों पर ध्यान: छोटे और ग्रामीण इलाकों के कम बिक्री वाले पेट्रोल पंपों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ेगा, इसलिए उन्हें विशेष राहत दी जाए।

कैश ट्रांजैक्शन बढ़ने का खतरा

एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार (पप्पू यादव) द्वारा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि डीलर्स सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान का समर्थन करते हैं, लेकिन मामूली मार्जिन में इस अतिरिक्त खर्च को वहन करना संभव नहीं है। यदि यह शुल्क वापस नहीं लिया गया, तो लोग डिजिटल पेमेंट छोड़कर दोबारा नकद लेन-देन की ओर रुख करेंगे, जिससे डिजिटल इंडिया की मुहिम को झटका लगेगा।