September 16, 2026
16 sep 2
  • शाहाबाद मंडी में महामंथन आज, GT रोड जाम पर फैसला संभव

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  धान (जीरी) की सरकारी खरीद को लेकर सरकार और किसानों के बीच खींचतान बढ़ गई है। 15 सितंबर से खरीद शुरू करने की मांग पूरी नहीं होने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढ़ूनी ने आज कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की अनाज मंडी में बैठक बुलाई है। बैठक में पहले किसानों के साथ खरीद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में GT रोड जाम करने को लेकर भी फैसला हो सकता है। किसानों ने आरोप लगाया कि अनाज मंडी में धान की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन खरीद को लेकर जमीनी स्तर पर तैयारियां पूरी नहीं हैं। अभी तक पोर्टल पर धान की वेरिफिकेशन नहीं हुई है।

सरकार ने नहीं बनाई कोई व्यवस्था- चढूनी

भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार को लगतार टाइम देने के बाद भी धान खरीद को कोई व्यवस्था नहीं बनाई है। किसी भी मिलर ने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। अगर सरकार को खरीद शुरू करनी होती, तो पोर्टल से लेकर मिलिंग तक की पूरी व्यवस्था पहले तैयार होनी चाहिए थी, जो सरकार नहीं की।

10 सितंबर को पिहोवा में हुई थी महापंचायत

धान खरीद को लेकर किसान संगठन पहले ही सरकार पर दबाव बना चुके हैं। 10 सितंबर को पिहोवा अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने महापंचायत की थी। इसमें धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करने की मांग रखी गई थी। महापंचायत में किसानों ने सिर्फ खरीद की तारीख का मुद्दा ही नहीं उठाया था, बल्कि धान में नमी की सीमा बढ़ाने की मांग भी की थी।

नमी 17 से बढ़ाकर की जाए 20 प्रतिशत

भाकियू पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वडै़च ने बताया कि किसानों की मांग थी कि धान में 17 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत तक नमी स्वीकार की जाए। सीजन की शुरुआत में धान में नमी ज्यादा रहती है। ऐसे में मौजूदा सीमा के कारण किसानों को मंडियों में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मंत्री बोले- धान काटने में जल्दबाजी न करें

उधर, 14 सितंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से धान की कटाई में जल्दबाजी नहीं करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि किसान फसल के पूरी तरह पकने के बाद ही कटाई करें और पकी हुई फसल मंडी में लेकर आएं। ज्यादा नमी वाली धान मंडी में आने से खरीद में दिक्कत आती है।

उन्होंने यह भी कहा था कि पकी हुई फसल मंडी में आएगी तो उसकी खरीद जल्द की जाएगी। सरकारी खरीद में धान के लिए 17 प्रतिशत नमी का मानक है, क्योंकि मिलर को धान से चावल निकाल कर सरकार को देना होता है। अगर नमी उनके मुताबिक होगी, तो चावल सरकार तक जल्दी आएगा।

पिछले साल 22 सितंबर से शुरू हुई खरीद

धान खरीद की तारीख को लेकर पिछले साल भी किसानों ने सरकार पर दबाव बनाया था। 2025 में हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी। इससे पहले खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होनी थी, लेकिन किसानों की मांग और विरोध के बाद खरीद की तारीख आगे की गई थी।