- 5 दिवसीय बैंकिंग की मांग, उद्योगों पर संकट
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : सप्ताह में 5 दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने सहित कई लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल का पानीपत में व्यापक और तीखा असर देखने को मिला।
जिले भर में बैंक शाखाओं के ताले न खुलने और कामकाज ठप रहने से सामान्य जनजीवन के साथ-साथ शहर का उद्योग और व्यापारिक जगत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। SBI जीटी रोड पानीपत स्थित कार्यक्रम स्थल पर जुटे बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
एक दिन में 100 करोड़ का कारोबार ठप
एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव नरेंद्र देशवाल ने हड़ताल की जानकारी देते हुए बताया कि एक दिवसीय इस हड़ताल में पानीपत जिले की सभी 280 बैंक शाखाएं पूरी तरह से बंद रहीं और जिले भर के 2,500 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी इसमें शामिल हुए। उन्होंने बताया कि इस हड़ताल के कारण अकेले पानीपत जिले में करीब 100 करोड़ रुपए का वित्तीय लेन-देन सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है।
प्रमुख मांगें- 5 दिवसीय बैंकिंग और PLI व्यवस्था की समीक्षा
यूनियन नेताओं ने कहा कि वे हड़ताल पर जाने के लिए विवश हुए हैं क्योंकि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच 5-दिवसीय कार्य सप्ताह को लेकर द्विपक्षीय समझौता हो चुका था। इसके बावजूद ढाई वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर भी इसे लागू नहीं किया गया है।
5 दिवसीय बैंकिंग: नेताओं ने तर्क दिया कि केंद्र सरकार के कार्यालयों, राज्य सरकारों, आयकर विभाग, आरबीआई और एलआईसी में 5 दिवसीय सप्ताह लागू है। यूनियनों ने हर कार्यदिवस में 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने का भी प्रस्ताव दिया है ताकि ग्राहकों के कुल बैंकिंग समय में कमी न आए।
भेदभावपूर्ण PLI व्यवस्था: यूनियनों ने एकतरफा और भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) व्यवस्था पर भी आपत्ति जताते हुए इसकी समीक्षा और पेंशन/स्वास्थ्य बीमा सुधारों की मांग की।
एक दिन का वेतन त्याग: कर्मचारियों ने सामूहिक मांग के समर्थन में अपनी इच्छा से एक दिन का वेतन त्याग कर इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में भाग लिया है।
पानीपत के व्यापार पर पड़ा सीधा असर
हड़ताल के कारण उद्योगों में कर्मचारियों के वेतन, वेंडर्स के भुगतान, चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और ऋण संबंधी प्रक्रियाओं में भारी विलंब हुआ। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण लगातार तीन दिनों तक शाखाओं में सामान्य कामकाज ठप रहेगा।
इससे KYC अपडेट, चेक क्लियरेंस और पासबुक अपडेट कराने वाले ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। हालांकि UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहीं, लेकिन शाखा-आधारित भौतिक कार्य पूरी तरह ठप रहे।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव नरेंद्र देशवाल, पीएनबी से प्रियंका भारद्वाज, कैनरा बैंक से डिंपल, सुमित झा, प्रद्यूमन, विनीत भारद्वाज (क्षेत्रीय सचिव, क्लर्क यूनियन), रविकांत शर्मा, अनिल कुमार और अन्य बैंक नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और आईबीए ने वार्ता के जरिए समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन और उग्र होगा।
यूनियनों ने चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान न होने की सूरत में 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी और 26 अक्टूबरसे अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।