August 21, 2026
21 aug 13
  • स्थानीय लोग बोले-बाहर के युवा करने आते नशा , SP बोले- रेड होगी

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  सिरसा जिले के रानियां का खेल स्टेडियम में सरेआम चल रहे नशा करने को लेकर विवादों में आ गया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जगह-जगह पर इंजेक्शन-सीरिंज, मेडिसन नशीली दवाओं के खाली पत्ते और गोलियां पड़ी दिख रही है। जोकि हालत ए स्थिति हैरान कर देने वाली है। इससे साफ पता चल रहा है कि युवा किस कदर नशे में जकड़ चुके हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन, सरकार एवं पुलिस कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं और बोले, नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। कुछ युवाओं एवं कांग्रेस से उम्मीदवार रहे सर्वमित्र कंबोज ने एक वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में कह रहे हैं कि युवा मेडिकल नशा करते और टीके लगाते देखे जाते हैं। स्टेडियम की बदहाली के कारण यह युवा पीढ़ी के लिए घातक साबित हो रहा है।

दूरदराज के गांवों से आकर युवा रानियां के खेल स्टेडियम में नशा करते हैं। यहां चिट्टे के टीके लगाए जाते हैं और मेडिकल नशे को पानी में घोलकर इंजेक्शन भी लगाए जाते हैं। बताया जाता है कि नशे के कारण कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। इसी नशे के चलते रानियां थाना के तीन एसएचओ बदल दिए गए और सिरसा के तत्कालीन एसपी का भी फेरबदल हो गया था।

बाथरूम में मिली नशा संबंधित सिल्वर पन्नियां

इस पर दैनिक भास्कर एप की टीम ने रानियां के खेल स्टेडियम की व्यवस्थाओं की ग्राउंड रियलटी जानी, तो पाया कि स्टेडियम के खिड़कियां और गेट उखाड़कर ले जाए गए हैं। बिजली की तारें भी मौके से गायब मिलीं। खिलाड़ियों के लिए बनाए गए बाथरूम में नशे में प्रयोग होने वाली सिल्वर पन्नियां और सीरिंज जैसी चीजें पाई गईं।

सर्वमित्र ने भी उठाए बदहाली पर सवाल

कांग्रेस प्रत्याशी रहे सर्वमित्र कंबोज ने नानुआना रोड पर स्थित इस खेल स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यहां की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और मैदान, इंडोर स्टेडियम, शौचालय परिसर, बिजली, पानी व सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

सर्वमित्र कंबोज ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में उद्घाटन के बाद करीब 4 एकड़ में करोड़ों रुपए की लागत से बने इस स्टेडियम की पिछले 11 वर्षों से उचित देखरेख नहीं हुई है। इसी कारण स्टेडियम नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है और खेल परिसर की हालत भी खराब हो गई है।

उन्होंने बताया कि स्टेडियम में नशे के सेवन में इस्तेमाल होने वाली पन्नियां, लाइटर, सिरिंज और नशीली गोलियों के रैपर भी काफी मात्रा में मिले हैं।

खेल अधिकारी ने नहीं दिया कोई रिस्पांस

रानिया के वार्ड नंबर 7 के एमसी बलजीत सिंह ने बताया, यह स्टेडियम हमारे वार्ड के अंडर जरूर आता है, परंतु अभी तक यह लावारिस अवस्था में ही पड़ा है, क्योंकि हमने कई बार डीएमसी के समक्ष मीटिंग के दौरान यह मांग उठाई थी कि यह स्टेडियम खेल विभाग को या फिर नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया जाए, परंतु अभी तक यह स्टेडियम लावारिस अवस्था में ही पड़ा है।

न ही तो ये खेल विभाग को सौंपा गया है और न ही नगर पालिका को। उनका कहना है कि डीएमसी के समक्ष मीटिंग के दौरान एस्टीमेट तो तैयार करके भेज दिया गया था, परंतु अभी तक टेंडर नहीं लगा है। बाहर के गांवों के युवा पीढ़ी आकर यहां पर नशा करते हैं और यहां पर आने के बाद उनकी मौत हो जाती है, जिसके बाद हमें काफी भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

सरकार से अपील हैं कि इस स्टेडियम को जल्द से जल्द या तो खेल मंत्रालय को सौंप दिया जाए या फिर नगरपालिका को ताकि इस तरह से जो नशेडी यहां पर दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं, उन पर नकेल कसने का काम किया जाए। वहीं, जिला खेल अधिकारी जगदीप सिंह से इस बारे में फोन से संपर्क किया गया, तो कोई रिस्पांस नहीं दिया।

एसपी बोले- पुलिस स्टेडियम में रेड मारेगी

एसपी दीपक सहारन के अनुसार, खेल स्टेडियम के अंदर पुलिस की एक टीम की ड्यूटी लगाई जाएगी और वो समयानुसार रेड मारती रहेगी और जो लोग नशा वहां बैठकर करते हैं, उन पर नकेल कसने का काम करेगी। पुलिस लगातार नशा तस्करों को जेल की सलाखों में पहुंचाने का काम कर रही है।

आप लोग भी जानते होंगे कि अब रानियां में नशा तस्करों को रानियां पुलिस लगातार पकड़ने का काम कर रही है, जिसके चलते नशे से होने वाले मौतों का ग्राफ में भी अब कमी आ रही है। नशा तस्करों को सख्त चेतावनी दी और कहा कि नशा तस्करों की जगह खुले में घूमने के लिए नई है उनकी जगह जेल की सलाखों के पीछे है।

रानियां क्षेत्र ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए

कांग्रेस नेता सर्वमित्र कंबोज ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बताया, रानियां क्षेत्र ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। इसके बावजूद भी रानियां स्टेडियम के हालात ऐसे हैं। सरकार से अपील करता हूं कि स्टेडियम में खेल गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो।

परिसर में लगे बिजली उपकरण, पंखे, तार, खिड़की, दरवाजे और यहां तक कि पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। स्थानीय लोगों से स्वयं बात की है और यहां नशे के कारण कई युवाओं की मौत भी हो चुकी है। प्रशासन से इन दावे पर स्टेडियम में कोच और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, नियमित खेल गतिविधियां शुरू करवाने, चारदीवारी व अन्य सुविधाओं को दुरुस्त कराया जाए।