August 13, 2026
13 aug 17
  • ₹5714 करोड़ का वॉटर प्रोजेक्ट भी शामिल

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार आज प्रदेश के युवाओं, किसानों, स्टार्टअप्स और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाने जा रही है। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक की पूरक कार्यसूची में कुल 8 प्रमुख प्रस्ताव चर्चा और अंतिम स्वीकृति के लिए रखे जाएंगे।

राज्य में बिना मानक और मनमाने ढंग से चल रहे कोचिंग सेंटरों को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार ‘हरियाणा निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण और विनियमन नियम’ का प्रारूप कैबिनेट के सामने रखेगी। इसे मंजूरी मिलने के बाद कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन अनिवार्य हो जाएगा।

₹5,714 करोड़ का ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ प्रोजेक्ट

प्रदेश में जल संरक्षण और जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम (WSHP)’ को लागू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। जिसकी अनुमानित लागत ₹5,714.80 करोड़ रहेगी, जिसमें विश्व बैंक का ऋण ₹4,000.36 करोड़ तथा राज्य सरकार का हिस्सा ₹1,714.44 करोड़ रहेगा।

अब जानिए कैबिनेट मीटिंग में शामिल मुख्य एजेंडा…

  • रिहायशी कॉलोनियों में खुल सकेंगे नर्सिंग होम: लाइसेंस प्राप्त आवासीय कॉलोनियों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से नई पॉलिसी लाने की तैयारी है, जिससे नियमानुसार नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति मिलेगी।
  • बिजली निगम और कैपेक्स लोन के लिए ₹7,570 करोड़ की राज्य गारंटी: पंजाब नेशनल बैंक से ₹1,200 करोड़ के नए कैपेक्स टर्म लोन के लिए राज्य सरकार द्वारा गारंटी देने का प्रस्ताव। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVNL): वर्किंग कैपिटल और कैपेक्स लोन के लिए विभिन्न बैंकों को दी गई ₹6,370.19 करोड़ की राज्य सरकार गारंटी का पूर्वव्यापी अनुमोदन।
  • स्टार्टअप्स के लिए नए प्रावधान: प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार और नए स्टार्टअप्स से जोड़ने के लिए ‘हरियाणा स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी 2022’ के तहत सप्लीमेंट (पूरक नियमों) को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
  • 2020 का फिजियोथेरेपी परिषद अधिनियम होगा निरस्त: केंद्र सरकार के ‘राष्ट्रीय सम्बद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल व्यवसाय आयोग अधिनियम, 2021’ को ध्यान में रखते हुए, हरियाणा राज्य फिजियोथेरेपी परिषद अधिनियम, 2020 को निरस्त (Repeal) करने का प्रस्ताव बैठक में रखा जाएगा।
  • शहरी क्षेत्रों से जुड़े नियमों में बदलाव: विधानसभा की समिति की 45वीं रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर ‘हरियाणा विकास एवं शहरी क्षेत्र नियम, 1976’ में संशोधनों को मंजूरी दी जा सकती है।