July 30, 2026
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  • मारपीट कर गर्भपात कराया, पुलिस कार्रवाई से नाराज

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  यमुनानगर के अग्रसेन कॉलेज में वीरवार को ग्रीवेंस कमेटी की बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें कुल 15 शिकायतें रखी गईं। इनमें से 10 का मौके पर समाधान किया गया, जबकि 5 को आगामी बैठक के लिए लंबित रखा गया। इस बार भी बैठक में कैबिनेट मंत्री अनिल विज नहीं पहुंचे, जिसके चलते विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और डीसी प्रीति ने सभी शिकायतें सुनीं।

एजेंडे की सभी शिकायतें खत्म होने के बाद एक महिला मीटिंग हॉल में पहुंची और डीसी के समक्ष पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। महिला का कहना था कि उसकी बेटी के साथ वर्षों तक शादी का झांसा देकर रेप किया गया, मारपीट की गई, गर्भपात कराया गया और कई बार जान से मारने की कोशिश की गई।

आरोपियों को केस से बाहर निकाला

आरोप है कि पुलिस ने मामले में सिर्फ एससी-एसटी एक्ट और मारपीट का चार लोगों पर केस दर्ज किया और उसमें से भी तीन आरोपियों को केस से बाहर निकाल दिया। महिला इस दौरान अपनी बेटी को भी साथ लेकर आई।

महिला ने कहा कि उसकी बेटी की तबीयत बिगड़ी हुई है, उससे खड़ा भी नहीं हुआ जाता। इस दौरान मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने महिला को संयम बरतने के लिए कहा। वहीं, डीसी ने महिला को आश्वासन दिया कि वे उनसे कार्यालय में आकर मिलें, उनकी समस्या सुनी जाएगी।

अलग-अलग होटल में लेकर जाता था आरोपी

बैठक में पहुंची बुढ़िया थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित युवती ने बताया कि 2020 में वह नाबालिग थी, उसकी मुलाकात आरोपी सचिन से हुई। आरोपी ने शादी का वादा कर उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। उस समय वह एक ब्यूटी पार्लर में काम सीख रही थी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी उसे यमुनानगर और जगाधरी के अलग-अलग होटल और रेस्टोरेंट में ले जाता था।

शादी का भरोसा देकर कई बार उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। जब भी वह शादी की बात करती, आरोपी जल्द शादी कराने का आश्वासन देता रहा, इसी दौरान वह गर्भवती हो गई।

कपड़े फाड़ने और जबरन संबंध बनाने का आरोप

17 जुलाई 2025 को प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आने पर उसने बच्चे को जन्म देने की इच्छा जताई, लेकिन आरोपी ने दबाव डालकर गर्भपात की दवा खिलाई, जिससे उसका गर्भपात हो गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि नवंबर 2025 और फिर 7 अप्रैल 2026 को आरोपी ने उसे अपनी दुकान पर बुलाया, जहां पहले से उसके परिजन मौजूद थे।

वहां उसे कमरे में बंद कर मारपीट की गई, कपड़े फाड़े और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उसे मारने और नहर में फेंकने की धमकी दी गई। आरोपी उसे कार में बैठाकर इधर-उधर घुमाते रहे। इसी दौरान उसने भागने की कोशिश की, लेकिन दोबारा पकड़ लिया गया। बाद में डायल-112 पुलिस के पहुंचने पर उसकी जान बची।

मंदिर में शादी कराने और प्रताड़ित करने का आरोप

पीड़िता ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने 11 अप्रैल 2026 को शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। उसी रात होटल में ले जाकर फिर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर मारपीट की गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी के परिवार वालों ने जातिसूचक शब्द कहे और उसे घर में रखने से इनकार कर दिया।

इसके बाद आरोपी उसे होटल में छोड़कर फरार हो गया। उसके बाद पुलिस को मामले में शिकायत सौंपी गई, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सचिन सहित चार लोगों के खिलाफ सिर्फ एससी-एसटी एक्ट और मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया। आरोप है कि इसमें भी पुलिस ने सचिन के अलावा अन्य आरोपियों को बाद में केस से बाहर कर दिया।

डीसी प्रीति ने महिला और उसकी बेटी को ऑफिस में आकर मिलने को कहा और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।