- कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग में भारत का पदक पक्का, सेमीफाइनल में पहुंची
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : भिवानी की बेटी बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इंग्लैंड की एलीस ग्लिन को 4-1 से हराया। इस जीत के साथ ही जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। वहीं भारत के लिए बॉक्सिंग में पदक भी पक्का कर दिया है।
क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतने के बाद जैस्मिन ने कहा कि यह सफर यहीं खत्म नहीं होता। अभी और बाउट हैं, अगली फाइट पर पूरा फोकस रहेगा। वे इस बार मेडल का रंग बदलने के लिए आई है। पिछली बार ब्रांज मेडल रह गया था।
उन्होंने कहा कि कोच ने भी उनका हौसला बढ़ाया और उनके दिशा-निर्देशानुसार तीसरे राउंड में अच्छा प्रदर्शन किया। अब बॉडी खुल गई है, अगली फाइट इससे भी अच्छी रहेगी।
जैस्मिन के पिता होमगार्ड, मां गृहणी
बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया के पिता जयवीर लंबोरिया होमगार्ड हैं और उनकी माता जोगिंद्र कौर गृहणी हैं। जयवीर लंबोरिया के 4 बच्चे हैं, तीन बड़ी बेटी और एक छोटा बेटा। जैस्मिन लंबोरिया तीसरे नंबर की है। जैस्मिन घर की पहली लड़की है, जो बॉक्सिंग कर रही हैं।
वहीं जैस्मिन फिलहाल फिजिकल एजुकेशन में पीजी डिप्लोमा भी कर रही हैं। 2021 में जैस्मिन ने खेल कोटे से आर्मी को जॉइन किया था।
2016 में शुरू की थी बॉक्सिंग
जैस्मिन ने 2016 में बॉक्सिंग की शुरु की थी। बचपन से ही अपने अंकल एवं कोच संदीप लंबोरिया और प्रमेंद्र लंबोरिया को देखकर बॉक्सिंग शुरू की। शुरुआत में फाइनेंशियल भी इतना अच्छा नहीं था। थोड़ा डाइट में भी बेसिक कोच ने साथ दिया। हेल्थ से रिलेटेड इश्यू भी रहते थे। कोई भी देखकर बोलता था कि तुम भी बॉक्सिंग करती हो। वो चीजें भी कहीं ना कहीं दिमाग में रहती थी कि पतली हैं।