July 25, 2026
25 july 13
  • हिसार में ढोल पर डांस किया, खट्‌टर बोले- छात्रों के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  NEET पेपर लीक मामले में देशभर में चल रहे स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के बीच शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसका जश्न हरियाणा में भी देखने को मिला। हिसार के लघु सचिवालय में दिन तीन से धरना से दे रहे युवा प्रदीप भानखड़ ने अपना अनशन खत्म किया और ढोल पर नाचकर खुशी मनाई। इस दौरान आसपास खड़े लोग भी खुशी से झूम उठे। प्रदीप भानखड़ ने कहा- यह जीत देश के युवाओं की जीत है।

वहीं, करनाल में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “युवा ही देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उनके लिए हमारे प्रधानमंत्री हों, शिक्षामंत्री हों या कोई और, जो भी कुर्बानी देनी पड़ेगी, वह देंगे। युवा देश की तरक्की में अपना योगदान दें। यदि किसी एक परीक्षा में कोई कठिनाई आई भी है, तो उसका समाधान निकाल लिया गया था।

उस परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित किया गया और उसका अच्छा परिणाम भी आया। छात्रों को इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने के बजाय अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत करनी चाहिए।

भूपेंद्र हुड्‌डा बोले- पहले ये कदम उठाते तो नुकसान नहीं होता

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा- देर आए, दुरुस्त आए। भाजपा सरकार अगर पहले ही कदम उठा लेती तो पूरे देश में इतना नुकसान न होता। लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण परीक्षाओं पर से युवा पीढ़ी का विश्वास उठ चुका है। इसलिए पूरे सिस्टम को बदलकर एक नया और पारदर्शी सिस्टम लाया जाना चाहिए, ताकि युवाओं में यह भरोसा जगे कि जो जितना काबिल होगा, उसे उतने ही नंबर मिलेंगे।

सुरजेवाला बोले- तानाशाही की एक्सपायरी डेट होती है

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा- “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही भारत के युवाओं ने यह दिखा दिया है कि तानाशाही और निरंकुशता की भी एक एक्सपायरी डेट होती है। Gen Z ने भी यह साबित कर दिया है कि न्याय की वेदी पर दमन और अत्याचार को आखिरकार घुटने टेकने ही पड़ेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी को अब छात्रों और उनके माता-पिता से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, हमारे बच्चों को बेरहमी से पीटने के लिए पेलेट गन, इलेक्ट्रिक शॉक गन, कील लगे डंडों और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करने वालों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।”

अभय चौटाला बोले- युवाओं ने झुका डाला

इनेलो अध्यक्ष अभय चौटाला ने फेसबुक पर लिखा- पहले किसानों ने झुकाया था और आज युवाओं ने भी झुका डाला। सत्ता चाहे कितनी भी ताकतवर होने का दावा करे, लेकिन जनता के संगठित संघर्ष के आगे उसका अहंकार टिक नहीं पाता। आज का फैसला इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता की होती है, कुर्सी की नहीं। जनता का संघर्ष लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

दीपेंद्र हुड्‌डा बोले- यह छात्रों की पहली जीत

रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने वीडियो जारी कर कहा, “धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया है। यह छात्र आंदोलन की पहली जीत है। देश के सभी नौजवानों और छात्रों को बहुत-बहुत बधाई। इंकलाब जिंदाबाद।”