July 24, 2026
24 july 18
  • बोले-आप लोग शिकायत आने का इंतजार क्यों करते हैं, लोगों को परेशान करने की प्रवृत्ति छोड़े

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :

रेवाड़ी में शुक्रवार को प्रदेश के जनस्वास्थ्य एवं पीडब्ल्यू मंत्री रणबीर गंगवा अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई। बिजली निगम के अधिकारियों को अंशल टाउनशिप के मालिक के खिलाफ केस दर्ज करवाने के निर्देश दिए। इससे पहले 2 मामलों में हुडा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आप लोग ग्रीवेंस में शिकायत आने का इंतजार क्यों करते हैं। जिन शिकायतों का समाधान तत्काल हो जाना चाहिए, उनके मामले दशकों से लंबित पड़े हैं।

क्या प्लॉट पर इनकी आने वाली पीढ़ियां मकान बनाएंगी। यह बात उन्होंने बाल भवन में ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में जलभराव पर वह अधिकारियों से रिपोर्ट लेंगे। हमने मौसम की शुरूआत से पहले ही अधिकारियों को व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दे दिए थे।

पॉजिशन मिली, प्लॉट नहीं

सेक्टर-19 निवासी मनजीत कुमार ने बताया कि मुझे 2011 में प्लॉट नंबर 233 अलॉट हुआ था। अप्रैल 2021 में विभाग ने मुझे ऑन पेपर पॉजिशन भी दे दी। इसके बावजूद मुझे आज तक ग्राउंड पर प्लॉट नहीं मिल पाया है। बार-बार दफ्तर के चक्कर काटने के बावजूद विभागीय अधिकारी मेरी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा रिलीज लैंट बताए जाने पर नाराज हुए मंत्री ने अधिकारियों से पूछा, कि क्या प्लॉट पर इनकी अगली पीढ़ी मकान बनाएंगी।

जब इन्होंने पैसे जमा करवा दिए, तो 2 दशक बाद भी नहीं प्लॉट क्यों नहीं मिला। आप ग्रीवेंस में शिकायत आने का इंतजार क्यों करते हैं। यदि आप लोग सही से काम करें तो लोगों को यहां आने की जरूरत ही नहीं पड़े। उन्होंने अगली सुनवाई से पहले समस्या का समाधान करने और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों- कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

महेंद्रगढ़ के कांटी निवासी संतोष देवी ने भी कहा कि मई 2008 में मुझे सेक्टर-4 में प्लॉट आवंटित हुआ था। जून 2019 में मुझे कब्जा प्रमाणपत्र जारी हुआ। जिसकी प्रॉपर्टी आईडी भी मेरे नाम है। सितंबर 2025 में ऑनलाइन मकान बनाने के लिए अनुमति मांगी।

जबकि अधिकारियों ने मिलीभगत कर 1683 प्लॉट के मालिक को मेरे प्लॉट 1682 में कब्जा दे दिया। मुझे रिलीज लैंड का हवाला देकर चक्कर कटवाए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि अब तक सामने आए मामलों में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है। ऐसे अधिकारियों- कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

गूगल इमेजी क्यों, ऑनग्राउंड क्यों नहीं

कोसली के शहादत नगर निवासी भतेरी देवी ने कहा कि 220 में शहादत नगर में उन्होंने 230 गज का प्लॉट खरीदा था। जहां नींव भरी होने के बावजूद डीटीपी विभाग ने कॉलोनी को वैध करते समय प्लॉट में रास्ता दिखा दिया। प्लॉट पर पिछले करीब 6 साल से हमारा कब्जा है।

कागजों में ही गली में सीवर लाइन भी बिछा दी। डीटीपी ने कहा कि एजेंसी ने ड्रोन से सर्वे किया और गूगल इमेजी के आधार पर नक्शा तैयार किया। जिस पर मंत्री ने कहा कि आप ग्राउंड पर क्यों नहीं गए, आपके विभाग का और क्या काम है। गूगज इमेजी को ही सच क्यों माना। अधिकारी- कर्मचारी लोगों को परेशान करने की प्रवृत्ति को छोड़े।

डॉक्टर आरबी यादव भी बने फरियादी

डॉ. आरबी यादव ने बताया कि अशंक में उसका मकान है। जहां बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था। अधिकारी कॉलोनी की तरफ बकाया बताकर उसे कनेक्शन देने से इंकार कर रहे हैं। जिस पर मंत्री ने डॉ. बिजली निगम को कॉलोनाइजर द्वारा जमा करवाया गया डिपोजिट वापस लौटाने पर फटकार लगाई।

उन्होंने कहा कि कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय निगम लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों कर रही है। उन्होंने तत्काल कनेक्शन करने और कॉलोनाइजर के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए।