July 11, 2026
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  • घर आकर डॉक्टर से मिल सकेंगे

हरियाणा ब्रेेकिंग न्यूज :  चंडीगढ़ के दो सरकारी अस्पतालों में जल्द ही इवनिंग ओपीडी शुरू करने की योजना है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह सुविधा सीएचसी-22 और सीएचसी-45 में शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रशासन विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती कर रहा है। इवनिंग ओपीडी में शाम के समय दो घंटे तक सभी तरह के मरीजों को देखा जाएगा। मरीजों को इसके लिए पर्ची बनवानी होगी, जिसके लिए फीस भी ली जाएगी।

हालांकि, अभी पर्ची की फीस कितनी होगी, यह तय नहीं किया गया है। यह सुविधा सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध कराने की योजना है। इस सुविधा से करीब 25 हजार से अधिक लोगों को फायदा होगा, जिसमें सबसे अधिक कामकाजी लोगों को लाभ मिलेगा। लंबी लाइनें में लगने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है और ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ती है।

पहले भी सफल रहा है यह मॉडल

चंडीगढ़ प्रशासन इससे पहले सेक्टर-16 अस्पताल और मनीमाजरा में इवनिंग ओपीडी का प्रोजेक्ट चला चुका है, जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। जीएमएसएच-16 मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में रोजाना करीब 3,500 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इस व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है।

कामकाजी लोगों को मिलेगा फायदा

चंडीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि मोहाली और पंचकूला से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सुबह की ओपीडी में लंबी लाइनें लगने के कारण नौकरीपेशा लोगों को अस्पताल आने में परेशानी होती है। कई बार उन्हें छुट्टी लेनी पड़ती है या घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग शाम की ओपीडी शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी भर्ती

पहले चरण में जीएमएसएच-16 के बाद सीएचसी-22 और सीएचसी-45 में इवनिंग ओपीडी शुरू करने की योजना है। इसके लिए इसी महीने करीब 15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। इनमें बाल रोग, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, मेडिसिन, ईएनटी, त्वचा रोग और मनोचिकित्सा के विशेषज्ञ शामिल होंगे। जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।

सामान्य ओपीडी जैसी ही मिलेंगी सुविधाएं

स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि शाम की ओपीडी में मरीजों को सामान्य ओपीडी की तरह ही इलाज की सुविधा मिले। मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श, जरूरत के अनुसार जांच की सलाह और आगे के इलाज की प्रक्रिया सामान्य ओपीडी की तरह ही उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लोगों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार शाम के समय भी डॉक्टर मिल सकेंगे।

रोजाना शाम 5 से 7 बजे तक चलेगी ओपीडी

इवनिंग ओपीडी रोजाना शाम 5 बजे से 7 बजे तक चलेगी। इसमें सरकारी डॉक्टरों की जगह पंजाब की तर्ज पर निजी विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं देंगे। उन्हें दो घंटे की ओपीडी के लिए प्रतिदिन 2,000 रुपए का मानदेय मिलेगा, जिससे उनकी मासिक आय करीब 52 हजार से 60 हजार रुपए तक हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल के सामान्य नियम पहले की तरह लागू रहेंगे और इमरजेंसी सेवाएं भी बिना किसी बदलाव के जारी रहेंगी।

3 राज्यों में पहले से चल रही इवनिंग ओपीडी

असम

 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत जिला अस्पतालों, उप-जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) समेत 214 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इवनिंग ओपीडी संचालित की गई है, ताकि मरीजों को शाम के समय भी इलाज मिल सके।

राजस्थान

 जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित कई सरकारी अस्पतालों में शाम की ओपीडी शुरू की गई। बाद में इस सुविधा का विस्तार शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक भी किया गया, जहां शाम 5 बजे से 7 बजे तक मरीजों को इलाज की सुविधा दी जा रही है।

झारखंड

राज्य के कुछ सरकारी अस्पतालों में ओपीडी को दो शिफ्टों में संचालित करने की व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य दिनभर काम में व्यस्त रहने वाले लोगों को शाम के समय भी डॉक्टरों से परामर्श और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है।