- 30 जून से हो सकता लागू
हरियाणा में अटकी पड़ी टीचर मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। शिक्षा विभाग के निदेशक जितेंद्र दहिया ने बताया कि पॉलिसी में कुछ बदलाव किए गए हैं, जिसका ड्राफ्ट 22 जून को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद ही शिक्षकों के ट्रांसफर का शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। 30 जून तक शेड्यूल आने की संभावना है।
खास बात ये है कि नई पॉलिसी मेरिट बेस पर होगी। कुल 120 अंक होंगे। इसमें 40 साल से अधिक उम्र की लेडी टीचर को विशेष श्रेणी के तहत अतिरिक्त अंक नहीं मिलेंगे, यानी कोई छूट नहीं मिलेगी। इसी तरह मेल टीचर्स को भी नाबालिग बच्चों के हवाले से कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिलेंगे। कपल केस की छूट का लाभ भी सिर्फ रेगुलर टीचर्स को ही मिलेगा।
संख्या बल के हिसाब से शिक्षा विभाग सरकार का सबसे बड़ा महकमा है। हरियाणा गवर्नमेंट एंप्लॉय रिपोर्ट के मुताबिक कुल सरकारी कर्मियों में से 34 फीसदी अकेले शिक्षा विभाग में हैं। ऐसे में इसकी ट्रांसफर पॉलिसी पर सभी विभागों की नजर है।
पहले खट्टर सरकार में भी ट्रांसफर पॉलिसी लाई गई, लेकिन खामियों की वजह से पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई थी। दिसंबर 2025 में टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी आई, तब कई टीचर इसको लेकर कोर्ट पहुंच गए थे।
दिव्यांग और सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षकों को राहतः 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले शिक्षक संरक्षित श्रेणी में शामिल किए जाएंगे। पहले जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट में 12 महीने शेष रहते थे, उन्हें छूट मिलती थी। अब यह अवधि बढ़ाकर 18 महीने करने की तैयारी है। यानी सेवानिवृत्ति के अंतिम डेढ़ वर्ष में तबादले का दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा।
उम्र के हिसाब से मिलेंगे अंक
शिक्षक की जितनी अधिक उम्र होगी, उसे इतने अधिक अंक मिलेंगे। यदि टीचर की उम्र 50 साल है तो उन्हें 25 अंक मिलेंगे। इसी तरह अनुभव के आधार पर अंक मिलेंगे। टीचर की जितने साल की सर्विस उतने अंक होंगे। हालांकि इनकी अधिकतम संख्या 30 रहेगी।
सिंगल पेरेंट का खास लाभ मिलेगाः जो शिक्षक अकेले अपने बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, यानी सिंगल पेरेंट हैं, उन्हें 10 अतिरिक्त अंक मिलेंगे। हालांकि मेल टीचर को नाबालिग बच्चे या अविवाहित बेटियों के आधार पर कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिलेगा।
विशेष श्रेणी को सबसे ज्यादा वेटेज
लेडी टीचर, विधवा, तलाकशुदा, न्यायिक रूप से अलग रह रही महिलाएं, सिंगल पेरेंट, गंभीर बीमारी से प्रभावित शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक, दिव्यांग बच्चों के अभिभावक, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों के जीवनसाथी इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं। इनमें अधिकांश श्रेणियों को 10-10 अंक देने का प्रस्ताव है। विशेष रूप से सिंगल पेरेंट शिक्षकों को अतिरिक्त राहत देने की व्यवस्था की गई है।
ऐसे बंटेंगे 120 अंक
कुल 120 अंकों में से अधिकतम 30 अंक आयु, 30 अंक कैडर अनुभव और 60 अंक विशेष परिस्थितियों के लिए निर्धारित किए हैं। यानी आधी रैंकिंग विशेष श्रेणी पर आधारित होगी, जबकि शेष अंक उम्र व अनुभव से मिलेंगे। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को अधिक संतुलित अवसर मिल सकेंगे।
इन पुराने नियमों की होगी विदाई
कई पुराने नियमों को हटाने का भी प्रस्ताव है। 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला शिक्षकों को मिलने वाले अतिरिक्त अंक की राहत अब समाप्त की जा सकती है। इसी तरह पुरुष शिक्षकों को केवल नाबालिग बच्चों या अविवाहित बेटियों के आधार पर विशेष वेटेज नहीं मिलेगा। कपल्स केस नियमों में भी संशोधन प्रस्तावित है। इसका लाभ अब केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित रहेगा। अनुबंध आधारित या अन्य श्रेणी के कर्मियों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
शिक्षा विभाग ने उन्हें आश्वस्त किया है कि नीति पूरी तरह तैयार है और मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलते ही स्थानांतरण कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था को शिक्षा विभाग पारदर्शी, अंक आधारित और विवादों को कम करने वाला मॉडल मान रहा है।