- किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण समय से पहले मानसून का अहसास हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 20 जून तक बारिश का दौर इसी प्रकार बना रहेगा। आज प्रदेश के 17 जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल और महेंद्रगढ़ में आज भी बारिश की संभावना बन रही है। वहीं 5 जिलों पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और कैथल में मौसम साफ रह सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि 17 जिलों में आज 25 प्रतिशत तक बारिश के चांस हैं मगर कल से दोबारा बारिश की गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।
कल हरियाणा के 10 जिलों में बारिश हुई थी
वहीं, कल हरियाणा के 10 जिलों गुरुग्राम, सोनीपत, हिसार, महेंद्रगढ़, हांसी, कैथल, रोहतक, भिवानी, रेवाड़ी और फतेहाबाद में आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई थी। हांसी में बारिश से जलभराव हो गया, जिसके कारण बड़सी गेट स्थित श्याम मंदिर से निकाली गई कलश यात्रा में महिलाओं को घुटने तक पानी में होकर गुजरना पड़ा।
फतेहाबाद के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के रूम में बारिश का पानी घुस गया। वहीं, सिरसा के गांव जोगीवाला में आंधी-बारिश के कारण मकान में बनाई गई पशु डेयरी की छत गिर गई। इससे वहां बांधी गई 21 गाय और भैंसें छत के मलबे के नीचे दब गई।
हिसार और नारनौल में दिन में रात जैसा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में बारिश और दिनभर बादलवाई से हिसार और नारनौल जैसे क्षेत्रों में दिन के तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हिसार में सामान्य से करीब 9.4 डिग्री और नारनौल में सामान्य से 10.9 डिग्री तक पारा नीचे लुढ़क गया है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। यहां तापमान 30 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है।
बारिश से रात का पारा भी कम
बारिश के कारण राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 1.7 डिग्री की कमी आई है, जो सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे है। बीती रात महेंद्रगढ़ के नारनौल में सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री कम है। इसके अलावा हिसार में 24.3 डिग्री और रोहतक में न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री दर्ज किया गया।
किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
सिंचाई और दवा छिड़काव रोकें: जिन 17 जिलों में येलो अलर्ट और बारिश की संभावना है, वहां किसान भाई खड़ी फसलों में फिलहाल सिंचाई और किसी भी प्रकार के कीटनाशक या रासायनिक दवाओं का छिड़काव रोक दें।
तेज हवाओं से बचाव: 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के कारण नरम तने वाली फसलों या सब्जियों के मांड मांड (मचान) को मजबूत करें, ताकि वे टूटने से बच सकें।
कटी फसल और अनाज का भंडारण: जिन किसानों ने हाल ही में कोई फसल काटी है या मंडियों में अनाज रखा है, वे उसे तिरपाल आदि से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि अचानक होने वाली बारिश से फसल भीगकर खराब न हो।
खेतों में जल निकासी: सब्जियों और बागवानी फसलों के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि यदि किसी क्षेत्र में तेज बौछारें गिरती हैं, तो पानी जमा न हो सके।