June 16, 2026
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  • DSP बोले- यहां अनुमति नहीं, सेक्टर 25 रैली ग्राउंड में जाए

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : चंडीगढ़ में आज टैक्सी यूनियन के प्रधान विक्रम पंढेर को पुलिस ने उनके साथियों सहित डिटेन कर लिया है। जानकारी के अनुसार, यूनियन द्वारा सेक्टर-18 में धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही थी, जिसे पुलिस ने नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए रोक दिया।

वहीं डीएसपी पी अभिनंदन ने बताया कि सेक्टर-18 में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है, लेकिन इसके बाद भी यह कर रहे थे। अगर कोई यहां पर प्रदर्शन करता है तो उसे डिटेन किया जाएगा। यह लोग सेक्टर 25 रैली ग्राउंड में जाकर धरना प्रदर्शन कर सकते हैं।

बता दें कि, चंडीगढ़ में आज ड्राइवर यूनियनों की तरफ से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही कॉल दी गई थी। ऐसे में ऐप-आधारित कंपनियों की कैब सेवाओं का उपयोग करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

यह हड़ताल चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला समेत पूरे ट्राइसिटी क्षेत्र में प्रभाव डालेगी, जिससे यातायात भी प्रभावित रहने की संभावना है। हालांकि, इस हड़ताल में ट्राइसिटी ऑटो यूनियन शामिल नहीं है। ऐसे में लोग ऑटो और CTU बसों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

दो गुटों में बंटी यूनियन

चंडीगढ़ में ड्राइवर यूनियन के दो गुट बन गए हैं। एक गुट सुबह 10:00 बजे से शाम तक स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, सेक्टर-18 के दफ्तर के बाहर धरना देगा, जबकि दूसरी यूनियन सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में प्रदर्शन करेगी।

चंडीगढ़ प्रशासन तक पहुंचानी है आवाज

ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विक्रम सिंह पुंडीर ने बताया कि उनकी यूनियन चंडीगढ़ प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहती है। यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान देता है, तो वे अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर देंगे।

प्रशासक से मुलाकात की मांग

चंडीगढ़ ट्राइसिटी ड्राइवर यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह ने कहा कि उनकी यूनियन पिछले 15 दिनों से सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में लगातार धरना दे रही है। रोजाना दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक प्रदर्शन किया जा रहा है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को कई बार ज्ञापन भी सौंपे गए हैं और वहां धरना भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान केवल पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक ही कर सकते हैं। इसलिए अब उनकी मुख्य मांग प्रशासक से मुलाकात की है। जब तक मुलाकात नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।

3 पॉइंट में जानिए कैब ड्राइवरों की मुख्य मांगें

वर्ष 2025 में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा बनाई गई कैब पॉलिसी को पूरी तरह लागू किया जाए। यदि कोई कैब कंपनी इसका पालन नहीं करती है तो उस पर जुर्माना लगाया जाए या उसका लाइसेंस रद्द किया जाए।
वर्ष 2025 की पॉलिसी में कैब चालकों के लिए ₹25 प्रति किलोमीटर किराया निर्धारित किया गया था। इसे बढ़ाकर ₹35 प्रति किलोमीटर किया जाए, क्योंकि सीएनजी के दाम 9.50 रुपये प्रति किलो और पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग 7 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी कैब ड्राइवरों के बजाय नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई करे। ड्राइवरों के चालान काटे जाते हैं, जबकि कंपनियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। साथ ही सफेद नंबर प्लेट वाली निजी गाड़ियों के टैक्सी के रूप में इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाई जाए।