- गेहूं पर पानी छिड़कने का मामला
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : कुरुक्षेत्र में सरकारी गेहूं के स्टैग (चट्टों) पर पानी का छिड़काव कर वजन बढ़ाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शहीद भगत सिंह किसान यूनियन ने दोषी अधिकारियों को जांच के तुरंत बाद सस्पेंड कर सलाखों के पीछे की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी कि इस मामले में कोई लीपापोती नहीं होनी चाहिए, नहीं तो किसान यूनियन बड़ा आंदोलन करेगी। वे सीएम आवास तक जाएंगे और प्रदर्शन करेंगे। हालांकि उनको जांच समिति पर पूरा विश्वास है कि समिति निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट DC को देगी।
हरकत में आया प्रशासन
यूनियन के प्रधान संजू नंबरदार ने बताया कि विरोध करने के बाद ही सरकार को जांच कमेटी बनानी पड़ी। उनको BPL परिवारों को न्याय मिलेने की उम्मीद है। मामला केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं बल्कि BPL परिवार की सेहत से भी मुद्दा है, क्योंकि यही गेहूं सरकारी डिपो के जरिए जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है।
जांच के बाद तुरंत एक्शन हो
संजू ने कहा कि जांच के तुरंत बाद दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। समिति को 3 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, जिसके तुरंत बाद सरकार को एक्शन लेना चाहिए। पराली जलाने, आग लगाने या दूसरी घटनाओं में किसानों पर तुरंत केस दर्ज कर कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन यहां सबूतों के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
वायरल वीडियो के बाद हुआ था हंगामा
मामला उस समय सामने आया जब आलमपुर स्थित जैन राइस मिल में रखे सरकारी गेहूं के स्टॉक पर पानी डालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आते ही किसान संगठन मौके पर पहुंचे और जमकर विरोध किया। किसानों ने मौके पर गेहूं की बोरियों का वजन भी कराया। उनका दावा है कि 50 किलो की बोरी का वजन 52 से 53 किलो तक निकला।
प्रशासन ने बनाई जांच समिति
मामले के बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है। DC विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि पूरे मामले की तीन दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। शाहाबाद के एसडीएम को जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि हैफेड जिला प्रबंधक को सदस्य नियुक्त किया गया है।
स्टॉक से लेकर रिकॉर्ड तक की जांच
इस समिति को खरीद रिकॉर्ड, स्टॉक रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट की जांच करनी है। हालांकि फूड सप्लाई विभाग ने अपने लेवल पर जांच कर रहा है। विभाग की ओर से गेहूं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। FCI की रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।