May 10, 2026
10 may 3
  • उच्च शिक्षा विभाग ने डीएचईओ को भेजा पत्र, प्रोफेसर की ट्रांसफर से पहली कवायद

हरियाणा ब्रे​किंग न्यूज : हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी कॉलेजों की ग्रामीण और शहरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए सभी जिला उच्च शिक्षा अधिकारियों (DHEO) से रिपोर्ट तलब की है। विभाग ने दो दिन के भीतर जिलेवार सूची भेजने के निर्देश दिए हैं।

डायरेक्टर जनरल हायर एजुकेशन, हरियाणा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी सरकारी कॉलेजों का यह विवरण दिया जाए कि वे ग्राम पंचायत, नगर पालिका, उपमंडल मुख्यालय या जिला मुख्यालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं या नहीं। साथ ही यह भी बताने को कहा गया है कि संबंधित कॉलेज किस तारीख से ग्रामीण या शहरी क्षेत्र की श्रेणी में माना गया है।

विभाग ने इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप भी भेजा है, जिसमें कॉलेज का नाम, ग्राम पंचायत क्षेत्र में होने की स्थिति, नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने की तारीख, सब-डिवीजन या जिला मुख्यालय के दायरे में आने की जानकारी और संबंधित नियमों के अनुसार ग्रामीण/शहरी दर्जे का उल्लेख करना होगा।

2013 के संशोधित नियमों का हवाला

पत्र के साथ हरियाणा एजुकेशन (कॉलेज कैडर) ग्रुप-बी सर्विस (संशोधन) नियम-2013 की प्रति भी संलग्न की गई है। इन नियमों के अनुसार, शिक्षकों के लिए ग्रामीण क्षेत्र या छोटे शहरों में सेवा देना अनिवार्य किया गया था। नियमों में स्पष्ट किया गया है कि “ग्रामीण क्षेत्र” में वह उपमंडल मुख्यालय भी शामिल होगा, जहां ग्राम पंचायत मौजूद हो। वहीं “छोटा शहर” ऐसी नगर पालिका को माना गया है, जो जिला मुख्यालय या उपमंडल मुख्यालय नहीं है।

शिक्षकों की ग्रामीण सेवा से जुड़ा मामला

संशोधित नियमों के तहत 2002 के बाद नियुक्त कॉलेज शिक्षकों को न्यूनतम पांच वर्ष ग्रामीण या छोटे शहर में सेवा देनी होगी। इनमें से कम से कम तीन वर्ष वरिष्ठ स्केल से पहले और दो वर्ष चयन ग्रेड से पहले पूरे करना अनिवार्य है। उच्च शिक्षा विभाग के इस कदम को कॉलेजों की वास्तविक ग्रामीण-शहरी स्थिति स्पष्ट करने और सेवा नियमों को लागू करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।