March 3, 2026
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  • बिजली-पानी के बिल से सबसे ज्यादा कमाई; जानिए हरियाणा बजट का पूरा हिसाब

हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार के बजट के आंकड़ों ने अगर आपका दिमाग चकरा दिया है और ये आंकड़े समझ से बाहर हो रहे हैं तो हम आपको इन्हें आसान भाषा में समझा देते हैं। सरकार कमाई कैसे करती है, खर्च कैसे करती है, बजट कैसे बनाती है, आपके लिए बजट में क्या है और पैसा जाता कहां है…इसमें ये सब आप आसानी से समझ जाएंगे।

वित्त मंत्री के रूप में CM नायब सैनी ने 2,23,658.17 करोड़ रुपए का नया बजट पेश किया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार बजट में 10.28% की बढ़ोतरी की गई है। आइए समझते हैं कि सरकार की जेब में पैसा कहां से आ रहा है और वह आपके लिए उसे कहां खर्च कर रही है।

इसे ऐसे समझिए कि सरकार ने बजट में 1 रुपए रखा है तो उसमें से 28 पैसे वेतन, पेंशन और बयाज चुकाने में खर्च हो रहे हैं। 72 पैसे अन्य कामों और क्षेत्रों में खर्च हो रहे हैं। सरकार खर्च करने के लिए पैसे का भी इंतजाम करती है।

ये पैसा स्टेट जीएसटी (SGST), वैट, शुल्क और शराब बेचने से मिलने वाले टैक्स से आता है। सबसे ज्यादा पैसा स्टेट जीएसटी से मिलता है। अगर सरकार के पास कुल ₹100 आते हैं, तो उसमें से लगभग ₹47 राज्य अपने टैक्स से कमाता है, ₹34 उधारी से आता है, और करीब ₹14 केंद्र सरकार से मिलते हैं।

आखिरकार सरकार कहां से लाती है एक रुपया

एक रुपए के आधार पर सरकार की सबसे ज्यादा कमाई 46.79 पैसे खुद के टैक्स से होती है। एसजीएसटी (SGST)से 23.41 पैसे, स्टांप और रजिस्ट्रेशन से 8.72 पैसे, शराब बेचकर 5.88 पैसे, वैट से 5.56 पैसे, वाहन कर 2.91 पैसे और अन्य टैक्स में 0.31 पैसे लाती है। वहीं अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए 34.09 पैसे सरकार को कर्ज भी लेना पड़ता है।

इसमें सबसे बड़ा हिस्सा राज्य विकास ऋण (25.04 पैसे) का है। खाद्यान्न खरीद के लिए 6.75 पैसे और नाबार्ड (NABARD) जैसे संस्थानों से 1.31 पैसे लिए जाते हैं। भारत सरकार से ऋण के रूप में 1.00 पैसा आता है। केंद्र सरकार से 13.71 पैसे मदद के रूप में मिलते हैं। गैर-कर राजस्व 4.86 पैसा अन्य सेवाओं से आता है।

सरकार 1 रुपया खर्च कहां करती है?

बजट का एक बड़ा हिस्सा सरकारी तंत्र को चलाने और पुराने कर्ज को चुकाने में चला जाता है। पुराने आंकड़ों की तरह ही, इस बार भी लगभग 31 पैसे (30-31%) केवल सरकारी कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्त लोगों की पेंशन और लिए गए कर्ज का ब्याज चुकाने में खर्च हो रहे हैं।

नए बुनियादी ढांचे (सड़क, पुल, अस्पताल) के निर्माण पर कुल बजट का 7.1% सीधा खर्च किया जा रहा है। यदि प्रभावी पूंजीगत व्यय को देखें तो यह 13.6% तक जाता है। बजट में 20 पैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए आरक्षित है। सरकार 11 पैसे शिक्षा और कौशल विकास पर खर्च कर रही है।