- भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध, गुरनाम सिंह चढूनी बोले- 23 मार्च से बड़ा आंदोलन
हरियाणा: ब्रेकिंग न्यूज : हिसार में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने कृषि, चिकित्सा, शिक्षा और बिजली से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस दौरान किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने 23 मार्च को पीपली में प्रस्तावित रैली के लिए किसानों को आमंत्रित किया।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच कृषि को लेकर हुई ट्रेड डील किसानों के हितों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि यदि विदेशी कृषि उत्पाद सस्ती दरों पर भारत में आए तो देश के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलेगा।
इससे करोड़ों किसान आर्थिक संकट में फंस सकते हैं और देश की खाद्य सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने मांग की कि इस डील को तुरंत वापस लिया जाए और किसान संगठनों से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। किसानों का कहना था कि प्राइवेट अस्पतालों में इलाज महंगा होता जा रहा है और दवाइयों की कीमतों पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और जांच सुविधाओं की कमी से आमजन परेशान है। मांग की गई कि आम जनता को भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की तरह मुफ्त या सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
शिक्षा के मुद्दे पर भी किसानों ने नाराजगी जताई। निजी स्कूलों में बढ़ती फीस, हर साल किताबें बदलने और निर्धारित दुकानों से सामान खरीदने की शर्तों को गलत बताया गया। साथ ही सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी, बीज बिल पर पुनर्विचार और बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग उठाई गई।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 23 मार्च से पहले मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनाज मंडी पिपली, कुरुक्षेत्र से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।