
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर ब्लॉक में एक प्रदर्शन प्लांट अवश्य बनाया जाए ताकि उस खंड के किसान उसका आसानी से लाभ उठा सके। ब्लॉक स्तर पर 50 से ज्यादा प्रगतिशील किसान प्रशिक्षित किये जाएं। इस प्रकार प्रदेशभर में ज्यादा से ज्यादा प्रगतिशील किसान तैयार किये जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील किसान अब कहलाएंगे प्रकृतिशील किसान, क्योंकि प्राकृतिक खेती प्रकृति के नियमों के अनुसार की जानी है, जिससे हम अतीत में दूर हो गए थे। उन्होंने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की सराहना की, जिन्होंने प्राकृतिक खेती का प्रारूप देश के प्रधानमंत्री के समक्ष रखा है और गुरूकुल कुरूक्षेत्र में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण संस्थान के लिए जमीन उपलब्ध करवाई है। अब तक 232 एटीएम, बीटीएम व किसानों ने प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लिया। अब ये लोग किसानों के पास जाकर योजनाओं के साथ प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए मैनपावर और बजट बढ़ाने की आवश्यकता हुई तो सरकार उसे पूरा करेगी।
700 कृषि विकास अधिकारियों की होगी भर्ती:-जेपी दलाल।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सदैव किसान हित के बारे में सोचते है तथा किस प्रकार प्रदेश का किसान समृद्ध हो, सक्षम हो और आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने 700 कृषि विकास अधिकारियों के पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की है तथा शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम भी मुख्यमंत्री की प्रेरणा से ही संभव हुआ है और यह विभाग की नई-नई योजनाओं का नवांचार है और यह विभाग किसानों के लिए समर्पित होकर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विधि अपनाने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और लागत भी बहुत कम होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पानी बचाने के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत तथा किसानों के उत्पाद का पूरा दाम मिले इसके लिए भावांतर भरपाई जैसी योजनाएं लागू की है। बाजारा किसानों को 450 करोड़ रूपये का लाभ दिया है। इसके अलावा धान की फसल की बिजाई कम करने के लिए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि 7 हजार रूपये की राशि देने का प्रावधान किया है। किसानों को जोखिम फ्री बनाने के लिए भी योजनाएं क्रियान्वित की है। अब प्राकृतिक तरीके से खाद्यान, फल और सब्जी का उत्पादन करने पर बल दिया जाएगा।